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NFO Alert: फाइनेंशियल सर्विसेस की कंपनियों में पैसा लगाना है? Motilal Oswal ने लॉन्च किया नया फंड, आज से खुला एनएफओ

यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़ी कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करेगी। इस फंड का न्यू फंड ऑफर (NFO) आज यानी 27 जनवरी से खुल चुका है। निवेशक इसे 10 फरवरी 2026 तक सब्सक्राइब कर सकेंगे।

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NFO Alert: मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर पर फोकस्ड एक नया इक्विटी फंड लॉन्च किया है। इस नए फंड का नाम मोतीलाल ओसवाल  फाइनेंशियल सर्विसेस फंड (Motilal Oswal Financial Services Fund) है।

यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़ी कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करेगी। इस फंड का न्यू फंड ऑफर (NFO) आज यानी 27 जनवरी से खुल चुका है। निवेशक इसे 10 फरवरी 2026 तक सब्सक्राइब कर सकेंगे।

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अजय खंडेलवाल, अतुल मेहरा, संदीप जैन और भालचंद्र शिंदे इस फंड को मैनेज करेंगे। डेट कंपोनेंट की जिम्मेदारी राकेश शेट्टी के पास होगी, जबकि विदेशी सिक्योरिटीज का प्रबंधन स्वप्निल मायकर संभालेंगे।

यह स्कीम लॉन्ग टर्म कैपिटल एप्रिसिएशन के टारगेट के साथ तैयार की गई है। बैंकिंग, इंश्योरेंस, कैपिटल मार्केट्स और फिनटेक जैसे सेक्टर में बीते एक दशक में तेज बदलाव देखने को मिला है। पारंपरिक लेंडिंग से आगे बढ़ते हुए नॉन-लेंडिंग बिजनेस में भागीदारी बढ़ी है, जिससे पूरे फाइनेंशियल इकोसिस्टम में विस्तार हुआ है।

मैनेजमेंट की सोच

मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के एमडी और सीईओ, प्रतीक अग्रवाल ने कहा कि भारत का फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर फॉर्मलाइजेशन, डिजिटलाइजेशन और कैपिटल मार्केट्स में बढ़ती घरेलू भागीदारी के चलते बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ग्लोबल अस्थिरता के बीच भारत की घरेलू बुनियाद मजबूत बनी हुई है। बैंकिंग से आगे NBFC, हाउसिंग फाइनेंस, इंश्योरेंस, फिनटेक और कैपिटल मार्केट्स में लिस्टेड कंपनियों ने 2010 से 2024 के बीच ग्रोथ दिखाई है।

उन्होंने कहा कि फंड का पोर्टफोलियो MOAMC की QGLP यानी क्वालिटी, ग्रोथ, लॉन्गेविटी और प्राइस निवेश फिलॉसफी पर आधारित है, जिसमें रिस्क मैनेजमेंट और BFSI सेक्टर में सब-सेक्टर रोटेशन की रणनीति शामिल है।

20-25 शेयरों का हाई-कन्विक्शन पोर्टफोलियो

फंड मैनेजर अजय खंडेलवाल ने कहा कि भारत के फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में नॉन-लेंडिंग बिजनेस की मार्केट कैप में करीब 15 गुना बढ़त देखी गई है, जबकि लेंडिंग बिजनेस में यह बढ़त लगभग 4 गुना रही। हमारा फोकस 20 से 25 शेयरों का हाई-कन्विक्शन पोर्टफोलियो बनाने पर रहेगा, जिसमें लेंडिंग और नॉन-लेंडिंग दोनों को संतुलित किया जाएगा।

Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।