Small Cap Funds में किसी को 33% का फायदा, तो किसी को नुकसान! आखिर एक ही कैटेगरी में इतना फर्क क्यों?
इस साल शेयर बाजार में निफ्टी और लार्ज-कैप शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा है, लेकिन स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड्स ने अलग तस्वीर दिखाई है। कुछ फंड्स ने निवेशकों को 33% तक रिटर्न दिया, जबकि कुछ नुकसान में रहे। बिजनेस टुडे से बातचीत में मनीफ्रंट के सीईओ मोहित गैंग ने बताया कि एक ही कैटेगरी के फंड्स के प्रदर्शन में इतना बड़ा अंतर क्यों ध्यान देने लायक है।

In Short
- निफ्टी की कमजोरी के बीच स्मॉल-कैप फंड्स का मीडियन YTD रिटर्न करीब 10.5% रहा।
- कुछ स्मॉल-कैप फंड्स ने 33% तक रिटर्न दिया, जबकि कुछ में 4% तक नुकसान हुआ।
- एक ही कैटेगरी के फंड्स के रिटर्न में करीब 37 प्रतिशत अंकों का अंतर देखने को मिला।
शेयर बाजार में इस साल अब तक निफ्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा है। लार्ज-कैप शेयरों में निवेश करने वाले निवेशकों को भी खास रिटर्न नहीं मिला है। हालांकि, बाजार की इस सुस्ती के बीच स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। खासतौर पर स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड्स में कुछ स्कीमों ने शानदार रिटर्न दिया है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि एक ही कैटेगरी के अलग-अलग फंड्स के रिटर्न में काफी बड़ा अंतर देखने को मिला है।
बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए मनीफ्रंट (Moneyfront) के को-फाउंडर और सीईओ मोहित गैंग ने कहा कि इस साल अब तक निफ्टी और लार्ज-कैप शेयरों का प्रदर्शन खास नहीं रहा है। लेकिन प्रमुख इंडेक्स की सुस्ती के बावजूद बाजार के भीतर काफी हलचल देखने को मिल रही है। स्मॉल-कैप, माइक्रो-कैप और मिड-कैप शेयरों में अच्छी तेजी आई है और कई निवेशकों ने इन सेगमेंट्स से पैसा कमाया है।
मोहित गैंग के मुताबिक, इस साल अब तक स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड्स का मीडियन रिटर्न करीब 10.5% रहा है। इसका मतलब है कि आधे फंड्स ने इससे ज्यादा और आधे ने इससे कम रिटर्न दिया है। निफ्टी के कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए यह रिटर्न अच्छा माना जा सकता है।
हालांकि, सभी स्मॉल-कैप फंड्स का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा है। कुछ बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंड्स ने इस साल अब तक करीब 33% तक रिटर्न दिया है, जबकि कुछ फंड्स का रिटर्न माइनस 2% से माइनस 4% तक रहा है। यानी एक ही स्मॉल-कैप कैटेगरी में सबसे अच्छे और कमजोर प्रदर्शन करने वाले फंड्स के रिटर्न के बीच करीब 37 प्रतिशत अंकों का अंतर देखने को मिला है।
मोहित गैंग ने कहा कि यह अंतर काफी दिलचस्प है और निवेशकों के लिए समझना जरूरी है कि एक ही कैटेगरी में निवेश करने वाले दो म्यूचुअल फंड्स के प्रदर्शन में इतना बड़ा फर्क क्यों आ रहा है। इससे यह भी साफ होता है कि सिर्फ स्मॉल-कैप कैटेगरी में निवेश करना ही काफी नहीं है, बल्कि सही फंड का चुनाव भी महत्वपूर्ण है।

