दूध और वॉशिंग मशीन पर नियम, तो AI पर क्यों नहीं? Microsoft प्रेसिडेंट ने उठाए सवाल, 'किल स्विच' की मांग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से ताकतवर हो रहा है, लेकिन इसकी सुरक्षा को लेकर Microsoft के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दूध और वॉशिंग मशीन जैसे उत्पादों पर भी सख्त नियम हैं, तो AI पर क्यों नहीं? उन्होंने AI के लिए 'किल स्विच' लगाने की मांग की है। जानिए यह तकनीक कैसे काम करेगी और इसकी जरूरत क्यों है।

In Short
- Microsoft प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने AI के लिए सख्त सुरक्षा नियम मांगे।
- AI के नियंत्रण से बाहर होने पर उसे रोकने के लिए 'किल स्विच' का सुझाव।
- स्मिथ ने कहा कि सिर्फ कंपनियों के स्वैच्छिक नियम पर्याप्त नहीं हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन रहा है, लेकिन इसकी सुरक्षा को लेकर अब बड़े सवाल उठने लगे हैं। Microsoft के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने AI के लिए सख्त नियम बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि दूध और वॉशिंग मशीन जैसे रोजमर्रा के उत्पादों पर भी सुरक्षा नियम लागू होते हैं, लेकिन AI जैसी ताकतवर तकनीक पर पर्याप्त निगरानी नहीं है।
ब्रैड स्मिथ ने BBC के Big Boss Interview में कहा कि AI एक ऐसा साधन है, जिसका इस्तेमाल अच्छे कामों के साथ नुकसान पहुंचाने के लिए भी हो सकता है। इसलिए सरकारों को इसकी सुरक्षा के लिए जल्द कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जब दूसरे उत्पादों की सुरक्षा जांच हो सकती है, तो AI के लिए भी ऐसे नियम बनाए जा सकते हैं।
AI में 'किल स्विच' क्यों चाहते हैं Microsoft के प्रेसिडेंट?
स्मिथ ने AI सिस्टम में इमरजेंसी ब्रेक यानी 'किल स्विच' लगाने का सुझाव दिया है। इसका मतलब ऐसी व्यवस्था से है, जिसके जरिए किसी AI सिस्टम के नियंत्रण से बाहर होने पर उसकी गतिविधियों को धीमा किया जा सके या उसे अस्थायी रूप से बंद किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई AI एजेंट सुरक्षा नियम तोड़ता है या किसी सिस्टम में सेंध लगाता है, तो टेक कंपनियों के लिए घटना की रिपोर्ट करना और प्रभावित लोगों को जानकारी देना कानूनी रूप से जरूरी होना चाहिए।
सिर्फ कंपनियों के भरोसे AI की सुरक्षा छोड़ना सही नहीं?
AI पर नियम बनाने को लेकर ब्रैड स्मिथ का रुख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अलग है। ट्रंप तकनीकी कंपनियों को खुद नियम तय करने देने के पक्ष में रहे हैं, ताकि अमेरिका AI की दौड़ में चीन से पीछे न रह जाए।
हाल ही में ट्रंप ने OpenAI, Google, Anthropic और Meta जैसी कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक की थी। इस दौरान कंपनियों ने अपने AI सिस्टम की सुरक्षा जांच से जुड़े स्वैच्छिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
स्मिथ ने इसे अच्छा कदम बताया, लेकिन कहा कि सिर्फ कंपनियों के खुद बनाए नियम पर्याप्त नहीं हैं। उनके मुताबिक, जिम्मेदार कंपनियां सुरक्षा का ध्यान रखेंगी, लेकिन उन कंपनियों पर भी निगरानी जरूरी है, जो नियमों का पालन नहीं करतीं।
AI के लिए वैश्विक नियम कौन बनाएगा?
ब्रैड स्मिथ का मानना है कि AI सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय नियम बनाने में ब्रिटेन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने ब्रिटेन के AI Security Institute की तारीफ की, जिसकी शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सरकार के दौरान हुई थी।
स्मिथ के मुताबिक, ब्रिटेन के पास AI की क्षमताओं और जोखिमों को समझने वाले विशेषज्ञ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में ब्रिटेन के बनाए सुरक्षा मानकों को यूरोपीय संघ की तुलना में ज्यादा आसानी से स्वीकार किया जा सकता है।
AI के नियंत्रण से बाहर होने पर क्या होगा?
स्मिथ ने चेतावनी दी कि बिना पर्याप्त जांच के इस्तेमाल किए जाने वाले AI सिस्टम दुनिया की साइबर सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। खासकर ऐसे AI एजेंट, जो इंसानों के नियंत्रण से बाहर जाकर काम करने लगें, गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अब AI सुरक्षा पर कार्रवाई करने का समय आ गया है। उनके मुताबिक, देशों और तकनीकी कंपनियों को मिलकर ऐसे नियम बनाने चाहिए, जिनसे AI के फायदे लोगों तक पहुंचें और इसके बड़े खतरों को नियंत्रित रखा जा सके।

