scorecardresearch

अब गिफ्ट कार्ड से भी कर पाएंगे म्यूचुअल फंड में निवेश! SEBI का बड़ा प्लान, जानिए कैसे बदलेगा निवेश का तरीका

सेबी ने म्यूचुअल फंड निवेश को आसान बनाने के लिए गिफ्ट कार्ड और प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) से निवेश की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया है। SEBI के इस कदम का उद्देश्य नए निवेशकों को जोड़ना, छोटे निवेश को बढ़ावा देना और वित्तीय समावेशन को मजबूत करना है।

Advertisement
AI Generated Image

In Short

  • SEBI ने गिफ्ट कार्ड और PPI के जरिए म्यूचुअल फंड निवेश की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा
  • एक वित्त वर्ष में अधिकतम ₹50,000 तक ही इस माध्यम से निवेश संभव होगा
  • ट्रांजैक्शन की निगरानी RTAs करेंगे और सभी भुगतान बैंक ट्रांसफर या UPI से ही होंगे

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने म्यूचुअल फंड निवेश को आसान बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सेबी ने प्रस्ताव दिया है कि गिफ्ट कार्ड और प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) के जरिए भी अब म्यूचुअल फंड में निवेश किया जा सकेगा। इसका मकसद नए निवेशकों को जोड़ना और वित्तीय समावेशन बढ़ाना है।

advertisement

सम्बंधित ख़बरें

कैसे काम करेगा नया सिस्टम?

सेबी के कंसल्टेशन पेपर के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति गिफ्ट PPI या गिफ्ट कार्ड खरीदकर इसे दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर कर सकेगा। रिसीवर इस कार्ड का इस्तेमाल म्यूचुअल फंड यूनिट्स खरीदने में कर पाएगा।

हालांकि, इस सुविधा के साथ कुछ शर्तें भी होंगी। गिफ्ट कार्ड को केवल बैंक ट्रांसफर या UPI के जरिए ही फंड किया जा सकेगा, ताकि हर ट्रांजैक्शन ट्रेस हो सके और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे जोखिम से बचा जा सके।

₹50,000 की सीमा और सख्त निगरानी

सेबी ने प्रस्ताव में साफ किया है कि एक निवेशक एक वित्त वर्ष में गिफ्ट कार्ड या PPI के जरिए अधिकतम ₹50,000 ही निवेश कर सकेगा।

इस सीमा की निगरानी Association of Mutual Funds in India की सिफारिश के तहत Registrar and Transfer Agents (RTAs) करेंगे। अगर तय सीमा से ज्यादा निवेश की कोशिश होती है, तो ट्रांजैक्शन रिजेक्ट हो जाएगा और पैसा वापस एस्क्रो अकाउंट में चला जाएगा।

एक साल की वैधता, छोटे निवेश पर फोकस

इन गिफ्ट इंस्ट्रूमेंट्स की वैधता जारी होने की तारीख से एक साल तक होगी। इसके बाद इनका इस्तेमाल निवेश के लिए नहीं किया जा सकेगा।

सेबी का कहना है कि यह व्यवस्था खासतौर पर छोटे निवेशकों, युवाओं और पहली बार निवेश करने वालों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, ताकि वे बिना जटिल प्रक्रियाओं के निवेश शुरू कर सकें।

डिजिटल पेमेंट से निवेश तक का सफर

गिफ्ट कार्ड और PPI पहले से ही ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट में लोकप्रिय हैं। अब इन्हें निवेश के साथ जोड़ने से म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को नया निवेशक आधार मिल सकता है। सेबी ने इस प्रस्ताव पर 14 अप्रैल तक आम लोगों और बाजार के प्रतिभागियों से सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।

Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।