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यूएस-ईरान वॉर से बाजार की गिरावट में सोना बना सहारा! इस गोल्ड म्यूचुअल फंड्स ने दिया 96% का शानदार रिटर्न

पिछले एक महीने में सोने के दाम करीब 5% बढ़े हैं। घरेलू बाजार में कीमतें लगभग 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,65,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई हैं। जियो पॉलिटिकल टेंशन के दौर में निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश ऑप्शन मानकर इसमें पैसा लगा रहे हैं।

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AI Generated Image

In Short

  • मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोने की मांग बढ़ी, पिछले एक महीने में कीमतें करीब 5% बढ़ीं।
  • गोल्ड म्यूचुअल फंड्स ने शानदार रिटर्न दिया, कुछ फंड्स ने एक साल में 96% से ज्यादा रिटर्न दिया।
  • फरवरी 2026 में गोल्ड ETF का AUM 1.83 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो सालाना आधार पर करीब 165% ज्यादा है।

मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के खतरे ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। इस माहौल में निवेशकों का भरोसा सोने पर फिर से मजबूत हुआ है और वे तेजी से गोल्ड फंड्स की ओर रुख कर रहे हैं। पिछले एक महीने में घरेलू इक्विटी बाजार 10% से ज्यादा गिर चुके हैं। इसके उलट, सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली है।

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पिछले एक महीने में सोने के दाम करीब 5% बढ़े हैं। घरेलू बाजार में कीमतें लगभग 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,65,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई हैं। जियो पॉलिटिकल टेंशन के दौर में निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश ऑप्शन मानकर इसमें पैसा लगा रहे हैं।

गोल्ड म्यूचुअल फंड्स का दमदार प्रदर्शन

पिछले एक साल में युद्ध शुरू होने से पहले ही गोल्ड म्यूचुअल फंड्स ने शानदार रिटर्न दिया है। निप्पॉन इंडिया गोल्ड सेविंग्स फंड की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक इस फंड ने एक साल में निवेशकों को 96.02% का रिटर्न दिया, जबकि निप्पॉन इंडिया गोल्ड ETF बीईएस का सालाना रिटर्न 97.82% रहा।

इसी अवधि में एक्सिस, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और टाटा म्यूचुअल फंड के गोल्ड फंड्स ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। तेज रिटर्न के कारण इस साल जनवरी में निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की। यही वजह रही कि फरवरी में इन फंड्स के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में महीने-दर-महीने गिरावट दर्ज की गई।

गोल्ड ETF में एयूएम में बड़ी छलांग

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 में गोल्ड ETF फंड्स का कुल एयूएम 1.83 लाख करोड़ रुपये रहा। यह फरवरी 2025 की तुलना में करीब 165% ज्यादा है।

निवेशक पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए भी सोने का इस्तेमाल करते हैं। ऐतिहासिक रूप से सोने का शेयर बाज़ार के साथ सहसंबंध कम रहा है। इसलिए जब इक्विटी बाज़ार में उथल-पुथल बढ़ती है, तब सोना जोखिम से बचाव का अहम साधन बन जाता है।

आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक संकट या ऊंची महंगाई के समय निवेशक अक्सर शेयर बेचकर सोना खरीदते हैं। यही वजह है कि ऐसे दौर में सोने की कीमतें बढ़ती हैं, जबकि शेयर बाज़ार दबाव में आ जाते हैं।

Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।