विमानों में फर्जी बम धमकी देने वाला जगदीश उइके पुलिस की रडार पर, जानें पूरी कहानी
भारत में हाल के दिनों में विमानों में बम होने की धमकियों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है, जिससे विमान कंपनियों और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी हुई है। महाराष्ट्र के गोंदिया के रहने वाले जगदीश उइके का नाम इन धमकियों में संदिग्ध के रूप में सामने आया है, लेकिन आखिर वह पुलिस की रडार पर क्यों है?

भारत में हाल के दिनों में विमानों में बम होने की धमकियों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है, जिससे विमान कंपनियों और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी हुई है। महाराष्ट्र के गोंदिया के रहने वाले जगदीश उइके का नाम इन धमकियों में संदिग्ध के रूप में सामने आया है, लेकिन आखिर वह पुलिस की रडार पर क्यों है?
नागपुर के पुलिस कमिश्नर रवींद्र सिंघल के अनुसार, तकनीकी टीम की जांच में उइके का नाम उभरकर आया। उन्होंने बताया कि उइके ने कई ईमेल के माध्यम से धमकी भरे संदेश भेजे थे। फिलहाल पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है और ना ही उसे हिरासत में लिया गया है।
फर्जी बम कॉल्स की जांच
कई एजेंसियां हाल के महीनों में उड़ानों, स्कूलों, और मॉल को जारी किए गए फर्जी बम कॉल्स की जांच कर रही हैं। इन धमकियों के चलते कई विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी, एयरपोर्ट्स पर आपातकालीन स्थिति लागू करनी पड़ी और यहां तक कि उड़ानों को रद्द करना भी पड़ा।
सोशल मीडिया और ऑनलाइन एक्टिविटी का विश्लेषण
इंडिया टुडे की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस टीम द्वारा उइके के सोशल मीडिया और ऑनलाइन गतिविधियों का विश्लेषण किया गया, जो 36 वर्षीय आदिवासी व्यक्ति की अलग ही कहानी को सामने लाता है। जांच में पाया गया कि वह पहले राष्ट्रपति भवन से 200 करोड़ की मांग कर चुका है, जो उसने कथित तिरंगे के अपमान की भरपाई के लिए की थी। इसके अलावा, उसके पास एक काल्पनिक मोबाइल ऐप में 1000 करोड़ की हिस्सेदारी और आतंकवाद को समाप्त करने के सुझावों वाली एक किताब का भी पता चला।
प्रमुख नेताओं को ईमेल और किताबें
उइके ने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को कई ईमेल भेजे, जिनमें आतंकवाद से जुड़े “गुप्त कोड” साझा करने के लिए उनसे मिलने पर जोर दिया गया था। उसने जुलाई 2023 में "आतंकवाद: एक तूफानी राक्षस" नामक किताब प्रकाशित की, जिसमें आतंकवाद के खात्मे के लिए उपाय बताए गए हैं। इस किताब में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्ताक्षरित एक सिफारिश पत्र का उल्लेख भी है, जिसे टाइपो और राइटिंग स्टाइल से नकली माना जा रहा है।
शौहरत पाने की कोशिश
जल्द मशहूर होने के लिए उइके ने कई प्रयास किए हैं। उसने राष्ट्रीय मीडिया में उभरने वाले मुद्दों पर टिप्पणियाँ की हैं। यहां तक कि उसने दावा किया कि एक नक्सली नेता ने उसकी "शार्प सोच" के लिए उसे साथ मिलाने के लिए 500 करोड़ रुपये की पेशकश की थी। 2021 में कोविड-19 से जुड़ी टूलकिट विवाद के बीच, उसने कहा कि बीजेपी नेताओं द्वारा किए गए खुलासे उसकी दी गई जानकारी पर आधारित थे।
फर्जी धमकियों की वजह से दहशत
पिछले 16 दिनों में 500 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमानों को बम धमकियों का सामना करना पड़ा है, जिससे एविएशन सेक्टर में खौफ की स्थिति पैदा हुई है। एयरलाइनों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और यात्रियों में भी दहशत और चिंता का माहौल है।
