scorecardresearch

FirstCry में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचेंगे Tata, IPO लाने की तैयारी में कंपनी

न्यू बोर्न और छोटे बच्चों से जुड़े प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनी ने 78.68 करोड़ रुपए का नेट लॉस दर्ज किया था और 31 मार्च 2022 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए ऑपरेशन से इसका रेवेन्यू 2,401.28 करोड़ रुपए रहा था।

Advertisement

FirstCry की पेरेंट कंपनी Brainbees Solutions ने इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने के लिए मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया है। ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, फ्रेश इश्यू ऑफ शेयर्स के तहत ब्रेनबीज सॉल्यूशंस 218 मिलियन डॉलर यानी करीब 1,816 करोड़ रुपए के नए शेयर्स बेचेगी। वहीं Ratan Tata और फर्स्टक्राई के को-फाउंडर-सीईओ Supam Maheshwari सहित मौजूदा निवेशक 54.4 मिलियन यानी 5.44 करोड़ इक्विटी शेयर्स ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत बेचेंगे। हिस्सेदारी बेचने वाले निवेशकों में टाटा और माहेश्वरी के अलावा सॉफ्टबैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) समेत अन्य शामिल है। फर्स्टक्राई के सबसे बड़े शेयरहोल्डर सॉफ्टबैंक के पास फर्म में 25.5% हिस्सेदारी है। वहीं M&M के पास 10.98% स्टेक्स हैं। IPO के जरिए सॉफ्टबैंक की यूनिट SVF फ्रॉग कंपनी के 2.03 करोड़ शेयर बेचेगी। M&M भी इस इश्यू के जरिए ब्रेनबीज सॉल्यूशंस में अपनी 0.58% हिस्सेदारी या 28 लाख शेयर बेचेगी। प्रेमजी इन्वेस्ट OFS के दौरान 86 लाख शेयर बेचेगी। टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा और फर्स्टक्राई के को-फाउंडर-CEO सुपम महेश्वरी अपकमिंग IPO में शेयर बेचने वाले इंडिविजुअल्स में शामिल हैं।

advertisement

Also Read: Tata Sons के Chairman Chandrasekaran का कर्मचारियों को नए साल का अनोखा संदेश

DRHP के अनुसार, रतन टाटा ने 0.02% हिस्सेदारी के लिए 66 लाख रुपए का निवेश किया था। वे अब अपने सभी 77,900 शेयर्स बेचने का प्लान बना रहे हैं। उन्होंने तब 84.72 रुपए के भाव से कंपनी के शेयर्स खरीदे थे। फर्स्टक्राई ने कहा कि वह IPO से प्राप्त फंड का यूज भारत और सऊदी अरब में अपने स्टोर्स की संख्या बढ़ाने और मौजूदा भारतीय स्टोर्स के लीज पेमेंट्स को क्लियर करने के लिए करेगी। कंपनी का भारत में 936 स्टोर्स का नेटवर्क है, लेकिन उसने सऊदी अरब में अपने स्टोर्स की संख्या का खुलासा अब तक नहीं किया है। इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर के अनुसार, ब्रेनबीज ने 2022-23 में 486.05 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया था। हालांकि, 31 मार्च 2023 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए इसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दो गुना से ज्यादा बढ़कर 5,632.53 करोड़ रुपए हो गया। न्यू बोर्न और छोटे बच्चों से जुड़े प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनी ने 78.68 करोड़ रुपए का नेट लॉस दर्ज किया था और 31 मार्च 2022 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए ऑपरेशन से इसका रेवेन्यू 2,401.28 करोड़ रुपए रहा था।