अब जल्द उड़ान भर सकती है Go First !
एयरलाइन Delhi HighCourt और NCLT में चल रहे केस के नतीजे के आधार पर अपने ऑपरेशन शुरू कर सकती है।एयरलाइन को ये भी तय करना होगा कि विमान ऑपरेशन के लिए पूरी तरह सेफ है या नही। दरअसल गो First ने खुद दिवालिया होने की याचिका दाखिल थी। इसका आरोप अमेरिका के एयरक्राफ्ट इंजन मैन्युफैक्चरर प्रैट एंड व्हिटनी (PW) पर लगाया था।

Go First AirLines की टेस्ट फ्लाइट सक्सेसफुल रही है। कंपनी ने खुद ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है। अभी गो फर्स्ट की सभी उड़ानें 28 जुलाई तक कैंसिल है। इससे पहले शुक्रवार को एविएशन रेग्युलेटर DGCA ने गो फर्स्ट की फ्लाइट दोबारा शुरू करने के लिए शर्तों के साथ मंजूरी दी थी। एयरलाइन Delhi HighCourt और NCLT में चल रहे केस के नतीजे के आधार पर अपने ऑपरेशन शुरू कर सकती है। एयरलाइन को ये भी तय करना होगा कि विमान ऑपरेशन के लिए पूरी तरह सेफ है या नही।
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दरअसल गो फर्स्ट ने खुद दिवालिया होने की याचिका दाखिल थी। इसका आरोप अमेरिका के एयरक्राफ्ट इंजन मैन्युफैक्चरर प्रैट एंड व्हिटनी (PW) पर लगाया था। कंपनी का कहना था कि गो फर्स्ट को PW की तरफ से इंजन की सप्लाई करनी थी, लेकिन उसने समय पर इसकी सप्लाई नहीं की। ऐसे में गो फर्स्ट को अपनी फ्लीट के आधे से ज्यादा एयरक्राफ्ट ग्राउंडेड करने पड़े। इससे उसे भारी नुकसान हुआ।
फ्लाइट नहीं उड़ने के कारण उसके पास कैश की कमी हो गई और फ्यूल भरने के लिए भी पैसे नहीं बचे।एयरलाइन के A20 नियो एयरक्राफ्ट में इन इंजनों का इस्तेमाल होता है। कंपनी का आरोप था कि इंजन की खराबी से कंपनी को बीते तीन साल में 1.1 बिलियन डॉलर यानी करीब 8.9 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
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