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महंगे ईंधन से बढ़ी टेंशन! Star Air ने 20% तक घटाईं उड़ानें, सरकार से की ये मांग

हवाई सफर कराने वाली Star Air ने अपनी साप्ताहिक उड़ानों में कटौती कर दी है। बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच एयरलाइन के इस फैसले ने क्षेत्रीय हवाई सेवाओं की चुनौतियां सामने ला दी हैं। कंपनी ने सरकार से खास व्यवस्था की मांग भी की है। जानिए पूरा मामला क्या है।

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In Short

  • Star Air ने महंगे हवाई ईंधन के चलते अपनी साप्ताहिक उड़ानों में 15 से 20 प्रतिशत तक की कटौती की।
  • एयरलाइंस के कुल ऑपरेटिंग खर्च में ATF की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है।
  • Star Air ने सरकार से क्षेत्रीय एयरलाइंस के लिए हवाई ईंधन की कीमतों का अलग सिस्टम बनाने की मांग की है।

देश की क्षेत्रीय एयरलाइन कंपनी Star Air ने अपनी साप्ताहिक उड़ानों में 15 से 20 प्रतिशत तक की कटौती कर दी है। हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल की बढ़ती कीमतों के चलते कंपनी ने यह फैसला लिया है। महंगे ईंधन की वजह से एयरलाइन कंपनियों का खर्च लगातार बढ़ रहा है। खासकर छोटे शहरों के बीच उड़ान सेवाएं देने वाली कंपनियों के लिए यह बड़ी चुनौती बन गई है।

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स्टार एयर ने सरकार से क्षेत्रीय एयरलाइंस के लिए हवाई ईंधन की कीमत तय करने का एक अलग सिस्टम बनाने की मांग भी की है।

Star Air ने कितनी उड़ानें घटाईं?

स्टार एयर ने मौजूदा विंटर शेड्यूल के दौरान अपनी साप्ताहिक उड़ानों की संख्या घटाकर 52 कर दी है। कंपनी ने अपने कुल साप्ताहिक फ्लाइट ऑपरेशन में करीब 15 से 20 प्रतिशत की कटौती की है।

इस फैसले की सबसे बड़ी वजह हवाई ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं। छोटे शहरों को जोड़ने वाली एयरलाइंस के सामने मुश्किल यह है कि वे बढ़ते खर्च की भरपाई के लिए टिकट की कीमतों में आसानी से बढ़ोतरी नहीं कर सकतीं।

एयरलाइंस के खर्च में ईंधन की कितनी हिस्सेदारी?

किसी भी एयरलाइन के कुल ऑपरेटिंग खर्च में हवाई ईंधन की बड़ी हिस्सेदारी होती है। ATF पर एयरलाइंस के कुल खर्च का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा जाता है।

हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। इसका असर विमानन कंपनियों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है।

स्टार एयर जैसी क्षेत्रीय एयरलाइंस के लिए यह चुनौती ज्यादा है, क्योंकि ये छोटे शहरों और कस्बों के बीच उड़ानें संचालित करती हैं। इन रूट्स पर यात्रियों की मांग और टिकट की कीमतों को देखते हुए बढ़ते खर्च का पूरा बोझ यात्रियों पर डालना आसान नहीं होता।

प्रतीकात्मक तस्वीर

सरकार से Star Air ने क्या मांग की?

स्टार एयर ने सरकार से क्षेत्रीय एयरलाइंस के लिए हवाई ईंधन की कीमतों का अलग सिस्टम तैयार करने की मांग की है।

कंपनी चाहती है कि क्षेत्रीय एयरलाइंस को ज्यादा स्थिर कीमतों पर ईंधन उपलब्ध कराया जाए। इसमें सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना UDAN के तहत संचालित उड़ानों के लिए अलग व्यवस्था भी शामिल हो सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कुल ATF खपत का लगभग 3 प्रतिशत हिस्सा क्षेत्रीय एयरलाइंस इस्तेमाल करती हैं। ऐसे में इनके लिए विशेष व्यवस्था बनाने से सरकार को पूरे विमानन क्षेत्र के लिए व्यापक राहत योजना लागू करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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क्या सरकार फिर शुरू करेगी राहत योजना?

सरकार ने साल 2026 की शुरुआत में ईंधन की कीमतों में असाधारण उतार-चढ़ाव से परेशान एयरलाइंस को राहत देने के लिए प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड शुरू किया था।

हालांकि, इस योजना की अवधि अब समाप्त हो चुकी है। सरकार ने अभी तक इसे दोबारा शुरू करने पर अंतिम फैसला नहीं लिया है।

ऐसे में स्टार एयर की मांग क्षेत्रीय एयरलाइंस के लिए अहम है। कंपनी का मानना है कि ईंधन की कीमतों में स्थिरता लाने वाली विशेष व्यवस्था से छोटे शहरों के बीच हवाई सेवाएं जारी रखने और यात्रियों को किफायती हवाई सफर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।