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पाकिस्तान को सऊदी अरब से फिर मिली राहत! 3 अरब डॉलर के कर्ज पर बड़ा फैसला, वित्त मंत्री ने दी जानकारी

आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे पाकिस्तान को सऊदी अरब से एक बार फिर राहत मिली है। सऊदी सरकार ने 3 अरब डॉलर की वित्तीय मदद को लेकर अहम फैसला किया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने इसकी पुष्टि की है। इस बीच अमेरिका से मांगी गई मदद और IMF की अगली किस्त को लेकर भी नया अपडेट सामने आया है। जानिए पूरी खबर।

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सऊदी अरब ने पाकिस्तान को दी बड़ी राहत, 3 अरब डॉलर के कर्ज की समयसीमा बढ़ाई। (AI Generated Image)
सऊदी अरब ने पाकिस्तान को दी बड़ी राहत, 3 अरब डॉलर के कर्ज की समयसीमा बढ़ाई। (AI Generated Image)

In Short

  • सऊदी अरब ने पाकिस्तान की 3 अरब डॉलर की वित्तीय सुविधा की समयसीमा बढ़ाई।
  • पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने कहा कि फिलहाल अतिरिक्त मदद की जरूरत नहीं है।
  • IMF से 1.2 अरब डॉलर की अगली किस्त पर दिसंबर में फैसला हो सकता है।

आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे पाकिस्तान को सऊदी अरब से बड़ी राहत मिली है। सऊदी अरब ने पाकिस्तान को दिए गए 3 अरब डॉलर के कर्ज की समयसीमा बढ़ा दी है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। यह वित्तीय मदद अप्रैल 2026 में दी गई थी और इसकी समयसीमा 31 अक्टूबर को खत्म हो चुकी थी। हालांकि, अब इसे कितने समय के लिए बढ़ाया गया है, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

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सऊदी अरब ने कितने समय के लिए बढ़ाई मदद?

पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, संसद भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान वित्त मंत्री औरंगजेब ने कहा कि 3 अरब डॉलर की फाइनेंसिंग सुविधा को उचित समय के लिए बढ़ा दिया गया है।

जब उनसे इसकी नई समयसीमा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और पाकिस्तान के रणनीतिक रिश्तों को देखते हुए चिंता करने की जरूरत नहीं है।

अप्रैल में पाकिस्तान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को 3.5 अरब डॉलर लौटाए थे। इसके बाद सऊदी अरब ने 3 अरब डॉलर की मदद दी थी। शुरुआत में यह सुविधा तीन महीने के लिए थी। इसके अलावा सऊदी अरब की 5 अरब डॉलर की एक अन्य वित्तीय सहायता को पहले ही 2028 तक बढ़ाया जा चुका है।

क्या पाकिस्तान ने और पैसे मांगे?

वित्त मंत्री ने साफ किया कि पाकिस्तान ने सऊदी अरब से अतिरिक्त आर्थिक मदद नहीं मांगी है। उनके मुताबिक, देश के पास इतना विदेशी मुद्रा भंडार है कि तीन महीने से ज्यादा के आयात का खर्च उठाया जा सकता है।

सरकार का लक्ष्य साल के अंत तक इसे बढ़ाकर चार महीने के आयात के बराबर करना है।

अमेरिका से 10 अरब डॉलर की मदद का क्या हुआ?

पाकिस्तान ने जुलाई में अमेरिका से 10 अरब डॉलर की Exchange Stabilisation Support Facility (ESSF) मांगी थी। हालांकि, वित्त मंत्री ने संकेत दिया कि सरकार अब इस मदद पर पूरी तरह निर्भर नहीं है।

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने सितंबर में 3 अरब डॉलर के बॉन्ड जारी किए थे, जिनके लिए 6 अरब डॉलर के ऑर्डर मिले थे।

अगर अमेरिका से मदद मिलती है तो यह अतिरिक्त राहत होगी। अन्यथा सरकार Eurobond, Panda Bond और दूसरे बॉन्ड के जरिए पैसा जुटाने की योजना पर आगे बढ़ेगी।

IMF से कब मिलेंगे 1.2 अरब डॉलर?

वित्त मंत्री के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के बोर्ड की बैठक दिसंबर में होगी, जिसमें पाकिस्तान के लिए 1.2 अरब डॉलर की अगली किस्त को मंजूरी दी जा सकती है।

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उन्होंने बताया कि सरकार चालू वित्त वर्ष में विदेशी कर्ज 4 अरब डॉलर और अगले वित्त वर्ष में 3.5 अरब डॉलर घटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

सरकार महंगे और कम समय वाले कर्ज की जगह लंबी अवधि के बॉन्ड से पैसा जुटाना चाहती है, ताकि बार-बार कर्ज चुकाने या नया कर्ज लेने का दबाव कम हो सके।