बड़े प्राइवेट बैंकों में घटे कर्मचारी, जानिए क्यों बदल रही है बैंकिंग जॉब्स की तस्वीर?
देश के बड़े प्राइवेट बैंकों में कर्मचारियों की संख्या घट रही है, लेकिन बैंक इसे छंटनी नहीं मान रहे। आखिर टेक्नोलॉजी, नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारी और खाली पदों पर नई भर्ती न होने से बैंकिंग नौकरियों पर क्या असर पड़ रहा है? जानिए पूरी बात।

In Short
- ICICI Bank में एक साल के दौरान कुल 6,633 कर्मचारी कम हुए।
- HDFC Bank की कुल कर्मचारी संख्या 3,343 घटी, जबकि मैनेजमेंट स्तर पर कर्मचारी बढ़े।
- बैंकों का कहना है कि छंटनी नहीं हो रही, बल्कि खाली पदों पर दोबारा भर्ती कम की जा रही है।
ICICI Bank Annual Report: देश के तीन बड़े प्राइवेट बैंकों में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कर्मचारियों की संख्या कम हुई है। ICICI Bank, HDFC Bank और Axis Bank की सालाना रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले साल के मुकाबले इन बैंकों में कुल कर्मचारी घटे हैं। हालांकि, बैंकों का कहना है कि इसे सीधे नौकरी से निकालने से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
ICICI Bank में 6,633 कर्मचारी कम हुए
ICICI Bank में मार्च 2026 के आखिर तक कुल कर्मचारियों की संख्या 1,24,324 रह गई। एक साल पहले बैंक में 1,30,957 कर्मचारी थे। यानी एक साल में करीब 6,633 कर्मचारी कम हुए हैं।
बैंक के पक्के कर्मचारियों की संख्या भी 1,29,177 से घटकर 1,24,029 रह गई। इस तरह पक्के कर्मचारियों की संख्या में 5,148 की कमी आई है। बैंक ने इसके पीछे कोई खास वजह नहीं बताई है। बैंक के कुल कर्मचारियों में सेल्स एग्जीक्यूटिव, तय समय के लिए रखे गए कर्मचारी और इंटर्न भी शामिल हैं।
HDFC Bank में भी कर्मचारी घटे
HDFC Bank में कुल कर्मचारियों की संख्या 2,14,521 से घटकर 2,11,178 हो गई। यानी एक साल में बैंक के 3,343 कर्मचारी कम हुए हैं।
सबसे ज्यादा कमी उन कर्मचारियों में हुई, जो मैनेजमेंट वाले पदों पर नहीं थे। इनकी संख्या 1,70,950 से घटकर 1,62,797 रह गई। हालांकि, जूनियर, मिडिल और सीनियर मैनेजमेंट के पदों पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ी है।
Axis Bank में एक लाख से ज्यादा कर्मचारी
Axis Bank ने मार्च 2026 में अपने कुल कर्मचारियों की संख्या एक लाख से ज्यादा बताई है। मार्च 2025 में बैंक में 1,04,453 कर्मचारी थे। बैंक का कहना है कि कर्मचारियों की संख्या कम होने की वजह केवल नई टेक्नोलॉजी नहीं है।
Axis Bank के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुब्रत मोहंती के मुताबिक बैंक में हर साल करीब 18 से 20% कर्मचारी नौकरी छोड़ते हैं। टेक्नोलॉजी की मदद से काम तेज और आसान होने के कारण बैंक कई खाली पदों पर नई भर्ती नहीं करता। उन्होंने साफ कहा कि बैंक में कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकाला जा रहा है।
HDFC Bank ने भी कहा कि उसके यहां करीब 20% कर्मचारी हर साल नौकरी छोड़ते हैं। कुछ पदों को भरने में समय लग सकता है। वहीं, निचले स्तर के कुछ पदों के बारे में बैंक यह भी देखता है कि उनकी अब जरूरत है या नहीं।
बैक ऑफिस से कस्टमर से जुड़े काम में भेजे जाएंगे कर्मचारी
HDFC Bank के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन ने कहा कि खराब काम को छोड़कर किसी कर्मचारी को नौकरी से निकालने की योजना नहीं है। बैंक टेक्नोलॉजी की मदद से ऑफिस के पीछे होने वाले काम को कम कर रहा है। ऐसे कर्मचारियों को ग्राहकों से जुड़े काम या टेक्नोलॉजी टीम में भेजने की तैयारी की जा रही है।
बैंकिंग में पेमेंट, अकाउंट खोलने, सर्विस देने और लोन से जुड़े कई काम अब ऑनलाइन हो रहे हैं। BCG की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक AI और GenAI के सही इस्तेमाल से कम जरूरी 35 से 40% काम मशीनों और सॉफ्टवेयर की मदद से किए जा सकते हैं। इसके लिए बैंकों को कर्मचारियों को नए काम सिखाने और टेक्नोलॉजी पर ज्यादा पैसा लगाने की जरूरत होगी।

