यूपी में 1.95 लाख पुरानी गाड़ियों पर बड़ा एक्शन, फिटनेस टेस्ट में फेल होने पर हुईं स्क्रैप
यूपी में फिटनेस टेस्ट में बार-बार फेल होने वाली पुरानी गाड़ियों को अब सीधे स्क्रैप किया जा रहा है। प्रदेश में 1.95 लाख से ज्यादा वाहन कबाड़ बन चुके हैं। जानिए आपकी गाड़ी कब स्क्रैप हो सकती है और नई कार या बाइक खरीदने पर कितनी टैक्स छूट मिलेगी।

In Short
- उत्तर प्रदेश में 1.95 लाख से ज्यादा पुराने वाहनों को स्क्रैप किया जा चुका है।
- फिटनेस टेस्ट में दो बार फेल होने वाले वाहन को कबाड़ घोषित कर दिया जाएगा।
- पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराने पर नई गाड़ी के रोड टैक्स में 15% तक छूट मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश में पुरानी और अनफिट गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। राज्य सरकार की व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत 30 जून तक 1.95 लाख से ज्यादा वाहनों को स्क्रैप किया जा चुका है। इनमें कार, बाइक, स्कूटर, कमर्शियल और सरकारी गाड़ियां शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इस पॉलिसी का मकसद सड़कों से अनफिट वाहन हटाना, प्रदूषण कम करना और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है। अब किसी गाड़ी को सिर्फ उसकी उम्र के आधार पर नहीं, बल्कि फिटनेस जांच के बाद स्क्रैप करने का फैसला लिया जाता है।
1.85 लाख से ज्यादा प्राइवेट वाहन हटे
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अब तक 1.85 लाख से ज्यादा प्राइवेट गाड़ियों को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटरों पर नष्ट किया गया है। इनके अलावा 10 हजार से अधिक सरकारी वाहन भी स्क्रैप हो चुके हैं।
इस तरह प्रदेश में सड़क से हटाए गए पुराने वाहनों की संख्या 1.95 लाख के पार पहुंच गई है। राज्य सरकार ने साल 2023 में पुरानी गाड़ियों के लिए स्क्रैपेज पॉलिसी को मंजूरी दी थी।
प्रदेश में चल रहे 50 स्क्रैपिंग सेंटर
उत्तर प्रदेश में फिलहाल 101 रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी मौजूद हैं। इनमें से 50 सेंटर पूरी तरह काम कर रहे हैं। जिन जिलों में अभी ऐसी सुविधा नहीं है, वहां नए सेंटर शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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इसके अलावा 30 नए स्क्रैपिंग सेंटरों के प्रस्ताव और आवेदन अभी प्रोसेस में हैं। इससे आने वाले समय में वाहन मालिकों को अपने जिले या आसपास ही स्क्रैपिंग की सुविधा मिल सकेगी।
ऑनलाइन होता है पूरा स्क्रैपिंग प्रोसेस
वाहनों को स्क्रैप करने का पूरा काम V-Scrap Portal और VAHAN सिस्टम के जरिए ऑनलाइन किया जाता है। सरकार के मुताबिक, इससे प्रक्रिया साफ रहती है और वाहन मालिकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
स्क्रैपिंग से जुड़ी जानकारी, वाहन का रिकॉर्ड और सर्टिफिकेट भी डिजिटल सिस्टम के जरिए संभाले जाते हैं।
फिटनेस टेस्ट में फेल होने पर क्या होगा?
पुरानी गाड़ियों की जांच ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पर मशीनों के जरिए की जाती है। फिटनेस टेस्ट में फेल वाहन को दोबारा जांच का मौका मिलता है।
दूसरी बार भी टेस्ट पास नहीं होने पर वाहन को एंड ऑफ लाइफ व्हीकल घोषित कर दिया जाता है। इसके बाद उसे अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर पूरी तरह नष्ट कर दिया जाता है।
नई गाड़ी पर मिल सकती है टैक्स छूट
पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराने वाले मालिक को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट मिलता है। इसके आधार पर नई कमर्शियल गाड़ी खरीदने पर रोड टैक्स में 10% तक छूट मिल सकती है।
नई कार, बाइक या स्कूटर खरीदने पर यह छूट 15% तक हो सकती है। इस सर्टिफिकेट को किसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर भी किया जा सकता है।

