फरवरी में ऑटो सेक्टर की रिकॉर्ड रफ्तार! PV बिक्री 26% बढ़ी, टू-व्हीलर में भी जोरदार मांग
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (Federation of Automobile Dealers Assosciation) के आंकड़ों के अनुसार फरवरी महीने में यात्री वाहनों की बिक्री रिकार्ड 394,768 यूनिट रही। पिछले साल के मुकाबले यात्री वाहनों की बिक्री में 26.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

इंटरनल कंबशन इंजन (Internal Combustion Engine) पर जीएसटी रेट में कटौती का पॉजिटिव असर वाहनों की रिटेल सेल्स पर देखने को मिल रहा है। फरवरी महीने में भी पैसेंजर व्हीकल्स (PV) की रिटेल सेल्स डबल डिजिट में रही है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (Federation of Automobile Dealers Assosciation) के आंकड़ों के अनुसार फरवरी महीने में यात्री वाहनों की बिक्री रिकार्ड 394,768 यूनिट रही। पिछले साल के मुकाबले यात्री वाहनों की बिक्री में 26.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
वाहनों की बिक्री में दर्ज हुई यह तेजी गांव और शहर दोनों जगह दिखी। जहां शहरी बाजारों में 21.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली, वहीं ग्रामीण इलाकों में 34.21 प्रतिशत का उछाल आया। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के मुताबिक वाहनों की बिक्री में गांव से भी भरपूर मांग सामने आ रही है।
FADA के प्रेसिडेंट सी एस विग्नेश्वर ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बढ़ती हुई यह डिमांड काफी पॉजिटिव संकेत दे रही है। इसके कारण छोटे वाहनों की बिक्री को काफी मदद मिल रही है। वहीं दूसरी तरफ एसयूवी और अन्य यूटिलिटी वाहनों की मांग भी पहले जैसी बनी हुई है।
किन कारणों से बढ़ रही मांग?
- जीएसटी की दरों में कमी आने से यात्रियों के लिए वाहन खरीदना आसान हो गया है।
- फरवरी का महीना देश में शादियों का सीजन माना जाता है। शादियों के इस सीजन के कारण भी वाहनों की बिक्री में तेजी आती है।
- इसके साथ ही कंपनियों द्वारा नए मॉडल के लॉन्च का भी वाहनों की बिक्री पर अच्छा प्रभाव पड़ा है।
FADA के डेटा के अनुसार पैसेंजर व्हीकल्स का मौजूदा स्टॉक भी अब 5 दिन घटकर 27 से 29 दिन हो चुका है। यह दिखाता है कि वाहनों की बिक्री तेजी से हो रही है।
EV वाहनों का क्या रहा हाल?
इंटरनल कंबशन इंजन पर जीएसटी रेट कट के बाद एक तरफ जहां PV की सेल्स बढ़ गई है, वहीं दूसरी तरफ EV वाहनों की मार्केट में हिस्सेदारी 4 प्रतिशत से घटकर 3.48 प्रतिशत हो गई है। ऐसा तब हो रहा है जब EV वाहनों के कई नए मॉडल लॉन्च हो रहे हैं। इसके साथ ही CNG से चलने वाले वाहनों की बिक्री में भी वृद्धि हुई है।
PV की बात करें तो इनमें सीएनजी से चलने वाले वाहनों का हिस्सा फरवरी महीने में बढ़कर 23.45 प्रतिशत हो गया है, जो कि पिछले साल 20.38 प्रतिशत था। 1 मार्च को देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी ने बताया की उनके फरवरी महीने की सेल्स मैं CNG वाहनों की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत थी। इसके अलावा कारोबारी वर्ष 2026 के पहले 11 महीनों में कंपनी के CNG वाहनों में हिस्सेदारी 40 प्रतिशत थी।
फरवरी में हुई रिकार्ड तोड़ बिक्री
भारतीय ऑटो सेक्टर के लिए फरवरी का महीना काफी शानदार रहा। लगभग हर सेगमेंट में बढ़ोतरी देखी गई। अगर पिछले साल से तुलना करें तो दोपहिया वाहनों में 25.02 प्रतिशत, तीन पहिया वाहनों में 24.39 प्रतिशत, यात्री वाहनों में 26.12 प्रतिशत और कमर्शियल वाहनों में 28.89 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ दर्ज की गई। इससे यह साफ हो जाता है कि चाहे निजी इस्तेमाल हो या व्यावसायिक इस्तेमाल, हर क्षेत्र में वाहनों को लेकर सकारात्मक मांग है।
ट्रैक्टर की सेल्स में भी 36.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह फरवरी महीने में सबसे ज्यादा बिकने वाला वाहन बन गया।
इस डेटा से यह भी पता चलता है कि छह में से पांच कैटेगरी के वाहन-दोपहिया, तीनपहिया, यात्री वाहन, व्यावसायिक वाहन और ट्रैक्टर सभी ने फरवरी महीने में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री की है। वहीं दूसरी तरफ कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेगमेंट में पिछले साल के मुकाबले 1.22 प्रतिशत की कमी देखी गई है।
FADA प्रेसिडेंट के अनुसार जीएसटी 2.0 जैसी पॉलिसी का असर अब बाजार में दिखने लगा है। इसके कारण हर सेगमेंट में वाहनों की मांग बढ़ी है।
FADA के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में टू-व्हीलर रिटेल बिक्री मजबूत बनी रही। इस दौरान कुल 17,00,505 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो सालाना आधार पर 25.02% ज्यादा है।
शहरी बाजारों में बिक्री 28.96% बढ़ी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी 22.16% की अच्छी बढ़त दर्ज की गई। इससे साफ है कि टू-व्हीलर की मांग शहरों के साथ-साथ गांवों में भी मजबूत बनी हुई है।

