पार्किंग फीस दोगुनी, इन गाड़ियों पर रोक! दिल्ली में GRAP-1 लागू होते ही कितने बदल गए नियम?
दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण बढ़ने लगा है। AQI खराब श्रेणी में पहुंचते ही सरकार ने GRAP-1 लागू कर दिया है। अब पार्किंग फीस से लेकर वाहनों की एंट्री और पेट्रोल-डीजल भरवाने तक कई नियम बदलने वाले हैं। जानिए किन लोगों पर पड़ेगा असर और कब से लागू होंगी पाबंदियां।

In Short
- Delhi-NCR में प्रदूषण बढ़ने पर GRAP-1 लागू, AQI पहुंचा 244।
- दिल्ली में पार्किंग फीस होगी दोगुनी, बिना वैध PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल।
- 1 नवंबर से दूसरे राज्यों के नॉन-BS6 वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक।
दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही प्रदूषण बढ़ने लगा है। राजधानी की हवा खराब होने के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस सीजन में पहली बार दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया गया है। इसके तहत पार्किंग फीस दोगुनी करने, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती और कंस्ट्रक्शन साइट्स की निगरानी बढ़ाने जैसे कदम उठाए जाएंगे।
दिल्ली में 244 पहुंचा AQI
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के मुताबिक, 20 अक्टूबर 2026 को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 179 था। लेकिन 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे यह बढ़कर 244 पहुंच गया, जो खराब श्रेणी में आता है।
मौसम विभाग (IMD) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी (IITM) के अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी हवा खराब रह सकती है। इसी वजह से GRAP-1 लागू करने का फैसला लिया गया।
कब लागू होते हैं GRAP के अलग-अलग चरण?
GRAP दिल्ली-NCR में प्रदूषण कम करने के लिए बनाया गया एक एक्शन प्लान है। हवा की गुणवत्ता के आधार पर इसके चार चरण लागू होते हैं।
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AQI 201 से 300: GRAP-1
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AQI 301 से 400: GRAP-2
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AQI 401 से 450: GRAP-3
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AQI 450 से ऊपर: GRAP-4
GRAP-1 में सड़कों की सफाई, धूल पर नियंत्रण और वाहनों के प्रदूषण की जांच जैसे उपाय किए जाते हैं।
पार्किंग फीस दोगुनी, बिना PUC नहीं मिलेगा फ्यूल
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के मुताबिक, मेट्रो पार्किंग को छोड़कर अन्य पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना किया जाएगा।
इसके अलावा बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा।
सरकारी और MCD दफ्तरों में कामकाज का समय अलग-अलग रखने और वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्प भी अपनाए जाएंगे।
कंस्ट्रक्शन साइट्स पर बढ़ेगी सख्ती
धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पाबंदियां लगाई जाएंगी। खुले में कचरा जलाने पर भी सख्ती होगी।
सरकार ने 608 एंटी-स्मॉग गन और 1,150 मिस्ट स्प्रे यूनिट तैनात की हैं। कंस्ट्रक्शन साइट्स की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) बनाया गया है। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए AI आधारित सिस्टम भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
1 नवंबर से नॉन-BS6 वाहनों पर रोक
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, दिल्ली में 1 नवंबर से 28 फरवरी तक विंटर एक्शन प्लान लागू रहेगा।
इसके तहत 1 नवंबर से दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड नॉन-BS6 वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक लगेगी।
सरकार प्रदूषण कम करने के लिए 11 सूत्रीय एक्शन प्लान पर भी काम कर रही है। इसमें धूल पर नियंत्रण, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और प्रदूषण फैलाने वाले स्थानीय स्रोतों की पहचान शामिल है।

