
Sudan Crisis: क्या हो रहा है सूडान में?
इन दिनों लगातार अफ्रीकी देश सूडान से भारतीयों को सुरक्षित निकालने की खबरें आ रही हैं। सूडान में चल रहे खूनी संघर्ष के बीच से अपने नागरिकों को निकालने के मिशन में इंडियन एयरफोर्स के ट्रासंपोर्ट विमान लगे हैं।

इन दिनों लगातार अफ्रीकी देश Sudan से भारतीयों को सुरक्षित निकालने की खबरें आ रही हैं। सूडान में चल रहे खूनी संघर्ष के बीच से अपने नागरिकों को निकालने के मिशन में इंडियन एयरफोर्स के ट्रासंपोर्ट विमान लगे हैं। इससे पहले नौसैनिक जहाज INS सुमेधा से 278 नागरिकों को निकाला जा चुका है। अधिकारिक जानकारी के अनुसार, सूडान से अबतक करीब 530 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित लाया गया है। लेकिन सवाल है कि आखिर सूडान में हो क्या रहा है ?

सूडान में हो क्या रहा है ?
सूडान का इतिहास संघर्षों से भरा रहा है। सत्ता के लिए तख्तापलट की कहानी यहां बार-बार लिखी जाती रही है। इस बार भी सत्ता पर काबिज के मकसद से सूडान में अर्धसैनिक बल 'Rapid Support Force' और वहाँ की सेना आमने-सामने डटी हैं। 15 अप्रैल से शुरु हुए इस खूनी खेल में 400 से ज़्यादा लोगों की बलि चढ़ चुकी है। खबरों के अनुसार 4 हज़ार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर लगातार सूडान के हालातों की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं।

सऊदी महिला सैन्य अधिकारी युद्ध हालातों के बीच से एक भारतीय बच्चे को बचाती हुई नज़र आ रही हैं। इस तरह की और भी कई तस्वीरें है जो सूडान के परिदृश्य को बयां करती हैं.


सूडानी आर्म्ड फ़ोर्सेस के चीफ जनरल अब्देल फ़तह अल बुरहान और रैपिड सपोर्ट फ़ोर्स के लीडर मोहम्मद हमदान दगालो की सत्ता पर काबिज़ होने की महत्वकांक्षा संघर्ष का कारण हैं। दोनों ने ही सत्ता हथियाने की लालसा के चलते सूडान को गृह युद्ध में धकेल दिया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि वहां रह रहे लोगों की जिंदगी नरक होती जा रही है। गोली-बारुद के धमाकों के बीच विदेशी नागरिक भी फंसे हैं।
सूडान में छिड़े गृह- युद्ध के मद्देनज़र मोदी सरकार ने ‘आपरेशन कावेरी’ के तहत जहाज और विमानों के जरिए भारतीय नागरिकों को निकालने का अभियान शुरू कर दिया है। आकंड़ो के मुताबिक केंद्र सरकार ने 3 हजार से ज्यादा भारतीयों को सूडान से सुरक्षित लाने के निर्देश दिए हैं।

सूडान में भारतीय आयुर्वेद का दबदबा

सूडान और भारत के व्यापारिक संबंध बेहद मजबूत रहे हैं। सूडान में भारतीयों की संख्या अच्छी-खासी है। सूडान के नागरिक इलाज के लिए भारत को तवज्जों देते हैं। सूडान में इलाज के लिए आयुर्वेद पर भरोसा किया जाता है। इस वजह से कई भारतीय सूडान में आयुर्वेद से जुड़े कामों में लगे हैं। वहां भारतीय आयुर्वेद के उत्पाद और जड़ी-बूटियों खूब बेची और बनायी जाती है। यहीं नहीं सूडान के हज़ारो नागरिक इलाज कराने के लिए भारत आना पसंद करते हैं। सूडान में जाकर कारोबार करने वालों में गुजरातियों की संख्या अच्छी-खासी है। जबकि दक्षिणी सूडान में भारत के अलग-अलग राज्यों से लोग जाकर बसे हैं।
भारत-सूडान के आर्थिक संबंध
इसके अलावा क्रूड ऑएल की सप्लाई और एनर्जी सिक्योरिटी के क्षेत्र में सूडान से भारत के रिश्ते जुड़े हैं। सूडान में 1970 के दौरान तेल की खोज हुई। जिसके बाद देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होने लगा। भारत ने कई बार सूडान को ऊर्जा, परिवहन और कृषि-कारोबार उद्योग जैसे क्षेत्रों में सस्ते दर पर आर्थिक मदद दी है। सूडान में गोल्ड का भंड़ार भी है। सरकारी आँकड़ों के मुताबिक 2022 में सूडान ने 41 टन से ज्यादा गोल्ड के निर्यात से 2.5 अरब डॉलर की कमाई की है। सूडान में चल रहे संघर्ष के चलते वहां के ऑयल सेक्टर, कोल सेक्टर, गोल्ड सेक्टर और फॉरेन इन्वेस्टमेंट पर पड़ना तय है।

