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Women Day 2025: घर की मालकिन ही नहीं, स्मार्ट इन्वेस्टर भी बन रहीं महिलाएं!

अब महिलाएं केवल घर की मालकिन ही नहीं बल्कि स्मार्ट इन्वेस्टर भी बन रहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार महिलाएं जमकर प्रॉपर्टी खरीद रहीं। खासकर वह लग्जरी सेगमेंट की प्रोॉपर्टी खरीद रही हैं।

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A notable feature of PMAY-U is its emphasis on empowering women in the EWS and LIG categories by mandating that the house be owned or co-owned by the female head of the family.
A notable feature of PMAY-U is its emphasis on empowering women in the EWS and LIG categories by mandating that the house be owned or co-owned by the female head of the family.

महिलाएं अब घर की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि घर का मालिकाना हक भी संभाल रही हैं, कहा जाता है कि महिलाएं घर की लक्ष्मी होती हैं, लेकिन अब वे सिर्फ घर की देखभाल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रियल एस्टेट में बड़े फैसले ले रही हैं और खुद घर की मालकिन बन रही हैं. भारतीय महिलाओं की यह आर्थिक स्वतंत्रता रियल एस्टेट बाजार में बड़े बदलाव का संकेत दे रही है.

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अगर आप अपने आसपास देखें, तो पाएंगे कि कई महिलाएं अब प्रॉपर्टी खरीदने को लेकर ज्यादा आत्मनिर्भर हो रही हैं. पहले जहां यह निर्णय परिवार के पुरुष सदस्य लेते थे, वहीं अब महिलाएं न सिर्फ घर की खरीदार बन रही हैं, बल्कि लग्जरी और प्रीमियम प्रॉपर्टीज में भी निवेश कर रही हैं.

महिलाओं का रुझान तेजी से बढ़ा, निवेश का पैटर्न बदला

एनारॉक कंज्यूमर सेंटिमेंट सर्वे (H2 2024) के मुताबिक, 69% महिलाएं घर खुद के लिए खरीद रही हैं, जबकि 30% इसे निवेश के तौर पर देख रही हैं. यह आंकड़ा यह बताने के लिए काफी है कि महिलाएं अब घर खरीदने के मामले में सिर्फ भावनात्मक रूप से नहीं, बल्कि सोच-समझकर फाइनेंशियल प्लानिंग के तहत कदम उठा रही हैं.

•    2019 में जहां केवल 57% महिलाएं रियल एस्टेट को निवेश का सबसे अच्छा विकल्प मानती थीं, 2022 में यह आंकड़ा 65% हो गया था, और अब यह 70% तक पहुंच गया है.
•    महिलाओं का झुकाव स्टॉक्स से हटकर रियल एस्टेट की ओर बढ़ रहा है. 2022 में जहां 20% महिलाएं शेयर बाजार को प्राथमिकता देती थीं, अब यह घटकर मात्र 2% रह गया है.
•    सोने में निवेश करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 8% से बढ़कर 12% हो गया है.

लग्जरी मकानों की ओर बढ़ा झुकाव

महिलाओं की पसंद अब सिर्फ किफायती घरों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि वे 90 लाख से अधिक कीमत की प्रॉपर्टीज की ओर ज्यादा आकर्षित हो रही हैं.

•    2024 की दूसरी छमाही में 52% महिलाओं ने 90 लाख से अधिक कीमत की संपत्तियों को प्राथमिकता दी, जो 2022 में 47% थी.
•    8% महिलाएं 2.5 करोड़ से अधिक कीमत वाले घरों की तलाश कर रही हैं, जो उनकी आर्थिक ताकत और लग्जरी हाउसिंग की ओर बढ़ते रुझान को दिखाता है.
•    रेडी-टू-मूव घरों की मांग 48% से घटकर 29% रह गई है, जबकि अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टीज में निवेश 10% से बढ़कर 18% हो गया है.

महिलाओं के बढ़ते रुझान पर क्या कहते हैं डेवलपर्स?

अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर, कुशाग्र अंसल का कहना है कि पहले महिलाएं घर खरीदने के फैसले में सिर्फ सलाहकार की भूमिका में होती थीं, लेकिन अब वे खुद निर्णय ले रही हैं और अपनी प्राथमिकताओं को सामने रख रही हैं. उनकी पसंद अब सिर्फ बजट फ्रेंडली मकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे बेहतर लोकेशन, शानदार कनेक्टिविटी और अत्याधुनिक सुविधाओं वाले घरों की ओर बढ़ रही हैं. हमारा अनुभव बताता है कि आने वाले समय में महिलाओं की भागीदारी रियल एस्टेट में और बढ़ेगी.

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एचसीबीएस डेवलपमेंट्स के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर, सौरभ सहारन ने कहा आज की महिलाएं आत्मनिर्भर हैं और अपनी कमाई को समझदारी से निवेश करना चाहती हैं. हम देख रहे हैं कि हाल के वर्षों में महिलाओं का रुझान रियल एस्टेट की ओर काफी बढ़ा है. विशेष रूप से, महिलाएं उन प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रही हैं, जहां बेहतर सुरक्षा, आधुनिक सुविधाएं और एक प्रीमियम लाइफस्टाइल हो. हमारी कई प्रीमियम प्रॉपर्टीज में महिला खरीदारों का प्रतिशत पहले की तुलना में दोगुना हो गया है.

रहेजा डेवेलपर्स की प्रवक्ता डिंपल भरद्वाज का कहना है कि महिलाओं की सोच अब केवल 'घर चलाने' तक सीमित नहीं है, बल्कि वे इसे एक मजबूत फाइनेंशियल एसेट के रूप में देख रही हैं. लग्जरी और हाई-एंड प्रॉपर्टीज में महिला खरीदारों की बढ़ती संख्या इस बदलाव को दर्शाती है. आज महिलाएं बिना किसी झिझक के खुद के नाम पर प्रॉपर्टी खरीद रही हैं, जो कि उनके बढ़ते आत्मविश्वास को दिखाता है.

महिला निवेशकों के लिए सरकार भी दे रही बढ़ावा

महिला होमबायर्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार भी कई योजनाएं चला रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत महिलाओं के नाम पर घर खरीदने पर विशेष सब्सिडी दी जाती है. कई राज्यों में महिलाओं के लिए स्टांप ड्यूटी कम रखी गई है, जिससे वे कम खर्च में प्रॉपर्टी खरीद सकती हैं. होम लोन पर महिलाओं को कम ब्याज दर मिलती है, जिससे वे आसानी से घर खरीद सकती हैं.

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महिलाएं बना रही हैं अपनी पहचान

महिलाओं की भागीदारी अब सिर्फ घर चलाने तक सीमित नहीं है, वे अब घर खरीदने, निवेश करने और संपत्ति के जरिए अपने फाइनेंशियल फ्यूचर को सुरक्षित करने पर फोकस कर रही हैं. यह बदलाव न केवल रियल एस्टेट बाजार को नया स्वरूप दे रहा है, बल्कि यह भी दिखा रहा है कि महिलाएं अब किसी भी फील्ड में पीछे नहीं हैं.