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बुरे फंसे BSNL के डायरेक्टर विवेक बंजल! DoT ने जारी किया कारण बताओ नोटिस - जानिए क्या है पूरा विवाद

भारतीय संचार निगम लिमिटेड के डायरेक्टर विवेक बंजल के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे को लेकर बना यह बेहद खास और वीआईपी प्रोटोकॉल सोशल मीडिया पे वायरल हो गया है जिससे उनके लिए मुसीबतें बढ़ गयी हैं। विवाद बढ़ने से उनका दौरा कैंसिल भी हो गया है।

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BSNL के डायरेक्टर विवेक बंजल

सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल (BSNL) एक ऐसे विवाद में घिर गई है जिसने देश में वीआईपी कल्चर की बहस को फिर से जिंदा कर दिया है। BSNL के डायरेक्टर विवेक बंजल (Vivek Banzal) के प्रयागराज दौरे का एक आधिकारिक प्रोटोकॉल सोशल मीडिया पर लीक हो गया है, जिसमें उनके निजी सामान से लेकर शाही सत्कार तक की ऐसी मांगें थीं, जिन्होंने सरकार और जनता दोनों को हैरान कर दिया है। चलिए जानते हैं कि विवेक बंजल का विवाद क्या है।

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भारतीय संचार निगम लिमिटेड के डायरेक्टर विवेक बंजल के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे को लेकर बना यह बेहद खास और वीआईपी प्रोटोकॉल सोशल मीडिया पे वायरल हो गया है जिससे उनके लिए मुसीबतें बढ़ गयी हैं। विवाद बढ़ने से उनका दौरा कैंसिल भी हो गया है।

क्यों हुआ विवाद?

विवेक बंजल के इस दौरे को लेकर डिप्टी जनरल मैनेजर की तरफ से एक आदेश जारी किया गया था। अपने इस आदेश में 50 सरकारी कर्मचारियों को अगले 2 दिन के लिए 21 अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गयी थीं।

इन जिम्मेदारियों में बंजल का रेलवे स्टेशन पे स्वागत करना, उनके लिए नाव की व्यवस्था करना, मंदिर दर्शन और त्रिवेणी संगम स्नान जैसे काम शामिल थे। इतना ही नहीं, इस आदेश में बंजल के लिए नहाने की किट जैसे तौलिया, अंडरगारमेंट्स, तेल, कंघी, कपड़ों के साथ उनके लिए फोटो क्लिक करने की सुविधा और चिप्स-चॉकलेट जैसे निजी खर्चे भी शामिल थे।

19 फरवरी को जारी किए आधिकारिक पत्र में बंजल के पूरे दौरे का प्लान था। वह किस पल कौन सा काम करेंगे इसकी सारी जानकारी उस पत्र के माध्यम से अधिकारियों को दी गयी थी।

उनके नहाने से लेकर कपड़ों की पैकिंग तक की हर एक निर्देश 50 से ज़्यादा अधिकारियों को दिए गए थे। इन कामों को सही तरीके से करने के लिए अधिकारियों को 21 अलग टीमों में बांटा गया जिससे बंजल के स्वागत, सफर और लॉजिस्टिक्स में किसी तरह की परेशानी न हो।

यहां तक कि त्रिवेणी संगम पे बंजल के शाही स्नान और आसपास के मंदिरों में दर्शन के बाद खाने-पीने और दूसरी तरह की सेवाओं का इंतज़ाम करने के लिए भी कर्मचारियों को निर्देश दे दिए गए थे।

DoT ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर आधिकारिक प्रोटोकॉल की पेपर वायरल होने और लोगों की नाराजगी बढ़ने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन्स (DoT) ने बीएसएनएल के डायरेक्टर विवेक बंजल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 

डिपार्टमेंट ने उनके वायरल प्रोटोकॉल को चौंकाने वाला और बेतुका बताया। विवेक बंजल को नोटिस मिलने के बाद उन्हें अपना जवाब डिपार्टमेंट को देना होगा जिसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही बीएसएनएल ने भी अपने एक्स (ट्विटर) हैंडल पे पोस्ट करते हुए कहा कि इस तरह के ऑर्डर्स बीएसएनएल के स्टैंडर्ड्स और मूल्यों के खिलाफ हैं।

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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कड़ा रुख

बीएसएनएल डायरेक्टर विवेक बंजल पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, मैंने यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि यह अनुचित है और स्थापित नियमों और परंपराओं का उल्लंघन है। यह मुझे स्वीकार्य नहीं है। यह चौंकाने वाला है। डायरेक्टर को पहले ही सात दिन की जवाबदेही अवधि के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। हम उचित कार्रवाई करेंगे।

सरकारी पैसा या पर्सनल वॉलेट?

बंजल के इस शाही प्रोटोकॉल के वायरल होने के बाद सरकारी अधिकारियों और उनकी वीआईपी डिमांड्स को लेकर सोशल मीडिया और लोगों के बीच चर्चाएं बढ़ गयी हैं। बीएसएनएल जैसी कंपनी जिसको बचाने के लिए सरकार पानी की तरह करोड़ों रुपये इन्वेस्ट कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बीएसएनएल के डायरेक्टर अपने अंडरगारमेंट्स और तौलिये के लिए भी सरकारी खज़ाने पे निर्भर बैठे हैं। अपनी इन वीआईपी डिमांड्स से शायद बंजल नेताओं की बराबरी ही करना चाहते हैं। 

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