2014 में सरकार एक क्विंटल कच्चे जूट को किसानों से 2,400 रुपये में खरीदी थी।। अब यही दर 2026-27 में बढ़कर 5,925 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। 2014 से 2026 के बीच कच्चे जूट की MSP में 3,525 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों में देखें तो कच्चे जूट की कीमत में 2014 से 2.5 गुना बढ़ोतरी हुई है।
किसानों के लिए अच्छी खबर! सरकार ने कच्चे जूट पर बढ़ाया MSP, अब 2026-27 के लिए प्रति क्विंटल इतना मिलेगा भाव
केंद्रीय कैबिनेट ने 2026–27 के लिए कच्चे जूट (raw jute) पर MSP (Minimum Support Price) की घोषणा कर दिया है। सरकार ने कच्चे जूट पर दी जाने वाली MSP की कीमत बढ़ा दी है। 2014 से अब तक 2026 तक कच्चे जूट पर मिलने वाला MSP लगभग 2.5 गुना बढ़ा है।

MSP on Raw Jute: केंद्रीय कैबिनेट ने 2026-27 के लिए कच्चे जूट (Raw Jute) पर MSP (Minimum Support Price) को बढ़ाने का ऐलान किया है।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की बैठक में लिया गया, जो प्रधानमंत्री के नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में हुई पहली बैठक थी। इस बढ़ोतरी से जूट किसानों को बेहतर दाम मिलने और उनकी आय बढ़ने की उम्मीद है। बता दें कि 2014 से अब तक कच्चे जूट पर मिलने वाला MSP लगभग 2.5 गुना बढ़ा है।
कैबिनेट ने कच्चे जूट पर इतना बढ़ाया MSP
केंद्रीय कैबिनेट ने 2026-27 के लिए कच्चे जूट (टीडी-3 ग्रेड) के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 275 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब 2026-27 के लिए जूट का MSP बढ़ाकर 5,925 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
2018 के बजट में सरकार ने तय किया था कि किसी फ़सल के उत्पादन में किसानों का जितना खर्च आता है, सरकार MSP को उस कीमत के 1.5 गुना पर रखेगी । कच्चे जूट के ये नए बढ़ी हुई रेट सरकार के उसी फैसले को लागू करता है।
इस नए MSP से सरकार किसानों को मिलने वाले पैसों में 61.8 प्रतिशत रिटर्न सुनिश्चित करेगी। इसका मतलब है कि अगर एक किसान कच्चा जूट उगाने में 100 रुपये खर्च करता है, तो उसे 161 रुपये वापस मिलेंगे, जिससे उसकी कुल कमाई लागत के मुकाबले 61.8% बढ़ जाएगी। इस फैसले से कच्चा जूट उगाने वाले किसानों को काफी राहत मिल सकती है।
2014 से 2026 के बीच कितनी बढ़ी है MSP दर?

