विमल इलायची विज्ञापन मामले में FDA का एक्शन, Ajay Devgn, Shah Rukh Khan और Tiger Shroff को नोटिस जारी
Vimal Elaichi के विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र FDA ने सख्ती दिखाई है। विभाग ने अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ से जवाब मांगा है और जांच शुरू की है कि क्या यह विज्ञापन प्रतिबंधित पान मसाला के अप्रत्यक्ष प्रचार के दायरे में आता है।

In Short
- Vimal Elaichi विज्ञापन मामले में FDA ने अजय देवगन शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को भेजा नोटिस
- महाराष्ट्र FDA ने विज्ञापन को सरोगेट विज्ञापन के नजरिए से पहली बार जांच के दायरे में लिया
- भ्रामक खाद्य विज्ञापन पर 10 लाख रुपये तक जुर्माने का है प्रावधान
Vimal Elaichi Advertisement: महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को Vimal Elaichi के विज्ञापन को लेकर नोटिस भेजा है। FDA का कहना है कि यह विज्ञापन प्रतिबंधित पान मसाला उत्पाद के लिए अप्रत्यक्ष प्रचार यानी सरोगेट विज्ञापन हो सकता है।
FDA ने तीनों अभिनेताओं से इस विज्ञापन में उनकी भूमिका और Vimal ब्रांड के प्रचार को लेकर जवाब मांगा है।
विज्ञापन को लेकर FDA ने जताई चिंता
महाराष्ट्र FDA के अनुसार, विज्ञापन की प्रस्तुति, डायलॉग, प्रोडक्ट का नाम और बाजार में Vimal ब्रांड की पहचान को देखते हुए यह सवाल उठता है कि क्या इसके जरिए प्रतिबंधित तंबाकू से जुड़े उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार किया जा रहा है। FDA ने कहा कि शुरुआती जांच में ऐसा लगता है कि विज्ञापन Vimal ब्रांड को बढ़ावा दे रहा है, जिसका संबंध पान मसाला से भी जुड़ा है।
महाराष्ट्र में 13 जुलाई 2026 को जारी प्रतिबंध आदेश के तहत पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगाई गई है।
पहली बार सरोगेट विज्ञापन के नजरिए से जांच
महाराष्ट्र FDA ने बताया कि पहली बार किसी विज्ञापन की जांच खास तौर पर सरोगेट विज्ञापन के नजरिए से की जा रही है। रेगुलेटर का कहना है कि विज्ञापन में Vimal Elaichi दिखाया गया है, लेकिन इसकी प्रस्तुति से Vimal पान मसाला के अप्रत्यक्ष प्रचार की संभावना को देखा जा रहा है।
इस विज्ञापन में अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ ब्रांड एंडोर्सर के तौर पर नजर आए हैं।
खाद्य कानून के तहत भेजा गया नोटिस
FDA ने इस मामले में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 की धारा 24 का इस्तेमाल किया है। यह धारा भ्रामक और गलत जानकारी देने वाले खाद्य विज्ञापनों से जुड़ी है।
इसके अलावा कानून की धारा 53 का भी हवाला दिया गया है। इसके तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के प्रकाशन में शामिल व्यक्ति पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
महाराष्ट्र में प्रतिबंधित उत्पादों पर बढ़ी सख्ती
महाराष्ट्र में साल 2012 से तंबाकू या निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला पर रोक है। हाल के समय में राज्य FDA ने ऐसे उत्पादों की बिक्री और प्रचार के खिलाफ कार्रवाई तेज की है।
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में विभाग पुलिस के साथ मिलकर गुटखा, तंबाकू और निकोटीन वाले पान मसाला बनाने, बेचने और सप्लाई करने वाले नेटवर्क पर भी कार्रवाई कर रहा है।
विज्ञापनों पर भी बढ़ी निगरानी
महाराष्ट्र FDA अब सिर्फ प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि ऐसे विज्ञापनों और प्रचार अभियानों की भी जांच कर रहा है, जिनसे प्रतिबंधित उत्पादों को बढ़ावा मिलने की आशंका हो।
Vimal Elaichi विज्ञापन मामले में भेजे गए नोटिस इसी बढ़ती निगरानी का हिस्सा हैं।

