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UPSC प्रीलिम्स 2026 के 8 सवालों पर विवाद! CAT पहुंचा मामला, उम्मीदवारों ने गलत आंसर की को दी चुनौती

UPSC प्रीलिम्स 2026 के 8 सवालों को लेकर विवाद CAT पहुंच गया है। उम्मीदवारों ने गलत आंसर की तथ्यात्मक गलतियों और दो सवालों में कोई सही विकल्प नहीं होने का दावा किया है। CAT ने UPSC को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को होगी।

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In Short

  • UPSC प्रीलिम्स 2026 के 8 सवालों को उम्मीदवारों ने CAT में चुनौती दी है
  • उम्मीदवारों का दावा है कि 2 सवालों में दिए गए चारों विकल्पों में कोई भी सही नहीं था
  • विवादित सवालों का असर नेगेटिव मार्किंग के साथ 16 नंबर से ज्यादा हो सकता है

UPSC सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स परीक्षा 2026 के 8 सवालों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ उम्मीदवारों ने सवालों में तथ्यात्मक गलतियां गलत आंसर की और सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे जाने का आरोप लगाया है। इसे लेकर उन्होंने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल CAT में याचिका दाखिल की है।

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CAT ने UPSC को भेजा नोटिस

सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल की प्रिंसिपल बेंच नई दिल्ली ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन UPSC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह याचिका सचिन तिवारी और अन्य उम्मीदवारों की ओर से दाखिल की गई है। उम्मीदवारों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के वकील शांतनु जुगतावत ने पैरवी की है। CAT ने 17 अगस्त 2026 को मामले की सुनवाई की और अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 तय की है।

इस मामले में जनरल स्टडीज पेपर वन सेट ए के 8 सवालों को लेकर आपत्ति जताई गई है।

इन 8 सवालों पर उठे सवाल

जिन सवालों को चुनौती दी गई है उनमें सवाल नंबर 7 11 45 60 62 82 86 और 96 शामिल हैं। उम्मीदवारों का कहना है कि सवाल नंबर 7 45 60 82 86 और 96 में UPSC की आंसर की में दिए गए सही जवाब आधिकारिक सोर्स से मेल नहीं खाते हैं।

वहीं सवाल नंबर 11 और 62 को लेकर उम्मीदवारों का दावा है कि इनमें दिए गए चारों विकल्पों में कोई भी विकल्प तथ्यात्मक या कानूनी रूप से सही नहीं था। ऐसे में किसी भी जवाब को सही नहीं माना जा सकता।

UPSC के सामने पहले भी रखी थी आपत्ति

उम्मीदवारों ने ट्रिब्यूनल जाने से पहले UPSC के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। UPSC ने 27 मई 2026 को प्रोविजनल आंसर की जारी की थी और उम्मीदवारों को आपत्ति दर्ज करने का मौका दिया था।

उम्मीदवारों ने सरकारी रिकॉर्ड कानूनी प्रावधान और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर अपनी आपत्तियां क्वेश्चन पेपर रिप्रेजेंटेशन पोर्टल के जरिए भेजीं। इसके बाद 2 जून 2026 को UPSC को ईमेल के जरिए भी विस्तार से जानकारी दी गई और हर सवाल के लिए सपोर्टिंग दस्तावेज लगाए गए।

हालांकि उम्मीदवारों का कहना है कि UPSC की तरफ से उनकी आपत्तियों पर कोई जवाब नहीं दिया गया। प्रीलिम्स रिजल्ट जारी होने के बाद भी उन्हें यह जानकारी नहीं मिली कि उनकी आपत्तियों पर क्या फैसला लिया गया।

उम्मीदवारों की क्या मांग है

उम्मीदवारों की मांग है कि UPSC विवादित सवालों की आंसर की को दोबारा जांचे और इन 8 सवालों को मूल्यांकन प्रक्रिया से हटा दिया जाए।

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इसके साथ ही उन्होंने CAT से मांग की है कि UPSC यह बताए कि उनकी आपत्तियों पर क्या कार्रवाई की गई। उम्मीदवार जानना चाहते हैं कि सवालों को सुधारा गया था रिजेक्ट किया गया था या बिना किसी कारण के हटा दिया गया था।

16 नंबर तक हो सकता है असर

इन सवालों को लेकर विवाद इसलिए भी बड़ा है क्योंकि उम्मीदवारों के मुताबिक नेगेटिव मार्किंग को ध्यान में रखते हुए इनका कुल असर 16 नंबर से ज्यादा हो सकता है।

UPSC प्रीलिम्स में एक एक नंबर काफी अहम होता है और कई बार बहुत कम अंतर से उम्मीदवार मेन्स परीक्षा में पहुंचने से रह जाते हैं। ऐसे में इन 8 सवालों का फैसला उम्मीदवारों के आगे के चयन पर बड़ा असर डाल सकता है।