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‘मुझे 8 नोबेल मिलने चाहिए थे…’ नोबल पुरस्कार नहीं मिलने पर ट्रंप का नॉर्वे को लेकर तीखा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने से नाराज हैं। उन्होंने फैसले को शर्मनाक बताते हुए कहा कि उन्होंने 8 युद्ध खत्म कराने में भूमिका निभाई है और उन्हें 8 नोबेल पुरस्कार मिलने चाहिए थे। ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान समेत कई विवादों को सुलझाने का भी दावा किया।

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In Short

  • नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर डोनाल्ड ट्रंप ने फैसले को शर्मनाक बताया।
  • ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने 8 युद्ध खत्म कराए और उन्हें 8 नोबेल पुरस्कार मिलने चाहिए थे।
  • भारत-पाकिस्तान समेत कई विवादों को सुलझाने में भूमिका निभाने का दावा कर चुके हैं ट्रंप।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने से नाराज हैं। शुक्रवार को उन्होंने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे शर्मनाक और अपमानजनक बताया। ट्रंप ने कहा कि इस फैसले से नॉर्वे की छवि को ऐसा नुकसान पहुंचा है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह नॉर्वे के इस फैसले को नहीं भूलेंगे।

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ट्रंप ने इस साल नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुनी गईं नवी पिल्लै के नाम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुरस्कार ऐसे व्यक्ति को दिया गया है, जिसके बारे में उन्होंने पहले कभी नहीं सुना। हालांकि, नवी पिल्लै अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की पूर्व जज रह चुकी हैं। ट्रंप का कहना है कि शांति के लिए किए गए उनके काम को नजरअंदाज किया गया है।

'मैंने 8 युद्ध खत्म कराए, मुझे 8 नोबेल मिलने चाहिए थे'

ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने दुनिया के कई संघर्षों को खत्म कराने में भूमिका निभाई है। इस बार भी उन्होंने कहा कि उन्होंने 8 युद्ध सुलझाए हैं। उनके मुताबिक, इनमें गाजा और ईरान से जुड़े संघर्ष भी शामिल हैं। ट्रंप का कहना है कि उनके काम के लिए उन्हें एक नहीं, बल्कि 8 नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे।

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने ईरान को मध्य पूर्व, यूरोप और अमेरिका के कुछ हिस्सों को तबाह करने से रोका। हालांकि, ईरान के साथ तनाव और सीजफायर को लेकर ठोस प्रगति नहीं होने के बीच उनके दावों पर सवाल उठ रहे हैं।

भारत-पाकिस्तान समेत कई विवाद सुलझाने का दावा

ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने का भी दावा किया। इसके अलावा उन्होंने रवांडा और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, थाईलैंड और कंबोडिया, आर्मेनिया और अजरबैजान, मिस्र और इथियोपिया के साथ-साथ सर्बिया और कोसोवो के बीच विवादों का भी जिक्र किया।

हालांकि, इन सभी विवादों का पूरी तरह समाधान नहीं हुआ है। ऐसे में ट्रंप के इन दावों पर सवाल उठते रहे हैं कि क्या इन मामलों में उन्हें युद्ध खत्म कराने का पूरा श्रेय दिया जा सकता है।

पहले भी नोबेल पुरस्कार के लिए जता चुके हैं दावेदारी

नोबेल शांति पुरस्कार पाने की इच्छा ट्रंप पहले भी कई बार जाहिर कर चुके हैं। दो दिन पहले भी उन्होंने कहा था कि उन्होंने ऐसा काम किया है, जो किसी दूसरे अमेरिकी राष्ट्रपति ने नहीं किया। उनके मुताबिक, उन्होंने 8 युद्धों को खत्म कराने में भूमिका निभाई है।

इस बार पुरस्कार नहीं मिलने के बाद ट्रंप ने नॉर्वे पर निशाना साधा और कहा कि इस फैसले से पुरस्कार की साख को नुकसान पहुंचा है। वह लगातार अपने कूटनीतिक प्रयासों को नोबेल शांति पुरस्कार के योग्य बताते रहे हैं।

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