होर्मुज संकट: 662 नाविकों सहित 13 भारतीय जहाज अभी भी फंसे, LNG टैंकर DISHA सुरक्षित पहुंचा दहेज
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र में सुरक्षा हालात पूरी तरह सामान्य नहीं होने के कारण कई जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। भारत सरकार की प्राथमिकता इन जहाजों और उन पर तैनात भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है।

वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के बीच भारत के लिए एक बड़ी चिंता सामने आई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और गल्फ ऑफ ओमान क्षेत्र में अब भी 13 भारतीय ध्वज (Indian-flagged) वाले जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर कुल 662 नाविक सवार हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर सरकार और शिपिंग उद्योग लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र में सुरक्षा हालात पूरी तरह सामान्य नहीं होने के कारण कई जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। भारत सरकार की प्राथमिकता इन जहाजों और उन पर तैनात भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है। शिपिंग मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों के साथ समन्वय कर रही हैं।
स्थिति केवल भारतीय ध्वज वाले जहाजों तक सीमित नहीं है। समुद्री उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न विदेशी ध्वज (Foreign-flagged) वाले जहाजों पर कार्यरत करीब 18,000 भारतीय नाविक भी इस संकट से प्रभावित हैं। इनमें से कई जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, गल्फ ऑफ ओमान और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में परिचालन कर रहे हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक कच्चे तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बाधा का असर न केवल शिपिंग उद्योग बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ता है।
इसी बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। एलएनजी (Liquefied Natural Gas) टैंकर DISHA गुरुवार को सफलतापूर्वक होर्मुज पार कर गुजरात के भरूच जिले स्थित दहेज एलएनजी टर्मिनल पहुंच गया
यह जहाज 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी लेकर भारत पहुंचा है। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर आशंकाएं बढ़ी हुई हैं, DISHA का सुरक्षित पहुंचना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

