
सऊदी अरब में फिर मिसाइल और ड्रोन हमला! तेल और गैस प्लांट वाले इलाकों को बनाया निशाना
सऊदी अरब में लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। एयरपोर्ट पर हुए हमलों में 14 लोगों की मौत के बाद एक बार फिर कई इलाकों को निशाना बनाया गया है। इस बीच अमेरिका के संभावित कदम और तेल सप्लाई को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

In Short
- सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हुए हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत, 300 से ज्यादा लोग घायल।
- सऊदी अरब के तेल और गैस प्लांट वाले इलाकों को भी बनाया गया निशाना, कई मिसाइल और ड्रोन रोके गए।
- हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे डोनाल्ड ट्रंप, सऊदी अरब ने दी कड़े जवाब की चेतावनी।
सऊदी अरब में लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों से तनाव बढ़ गया है। यमन के हूती विद्रोहियों ने एक बार फिर सऊदी अरब को निशाना बनाया है। इन हमलों के कारण देश के प्रमुख एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित हुई हैं और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बताया कि सोमवार रात देश की ओर दागी गई कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही रोक दिया गया। इन हमलों में उन इलाकों को भी निशाना बनाया गया, जहां सऊदी अरब के प्रमुख तेल और गैस प्लांट मौजूद हैं।
एयरपोर्ट पर हमलों में 14 लोगों की मौत
वीकेंड पर सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हुए हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को हुए हमले में 13 लोगों की जान गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए।
इसके बाद रविवार देर रात इसी एयरपोर्ट पर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 11 लोग घायल हुए। दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया।
सऊदी अरब ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
लगातार हमलों के बाद सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने निर्णायक जवाब देने की चेतावनी दी है। वहीं, सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने कहा कि कोई भी उनके देश को कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सऊदी अरब दुनिया को ऊर्जा सप्लाई जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

अमेरिका भी कर सकता है सैन्य कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीकेंड पर कहा कि वह ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात के वरिष्ठ अधिकारी अनवर गर्गाश ने क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था को दोबारा मजबूत करने की जरूरत बताई।
कच्चे तेल की कीमतों पर असर
हमलों के बाद शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 105.63 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। हालांकि, बाद में लंदन में यह घटकर करीब 104 डॉलर प्रति बैरल रह गई। निवेशक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल सप्लाई की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
उड़ानें प्रभावित, स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई
हमलों के कारण रियाद एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन लगभग ठप हो गया। राजधानी के वित्तीय केंद्र में कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा गया, जबकि स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई।
ब्रिटेन ने सऊदी अरब के कई इलाकों की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। अमेरिकी विमानन नियामक FAA ने भी एयरलाइंस को सावधानी बरतने को कहा है।
हालांकि, रियाद में 15 अक्टूबर तक चलने वाली वर्ल्ड पेट्रोलियम कांग्रेस जारी रखने की योजना है। वहीं, 26 अक्टूबर से होने वाले फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव कार्यक्रम के आयोजकों ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने का भरोसा दिया है।
