
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO पद पर जल्द लगेगी मुहर, 5585 आवेदनों की छंटनी के बाद सामने आए तीन नाम
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। हजारों आवेदनों और कई चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल सौंप दिया है। अब सबकी नजर ट्रस्ट के अंतिम फैसले पर है।

In Short
- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति अंतिम दौर में पहुंची।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। CEO के चयन के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। कमेटी ने पूरी चयन प्रक्रिया के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया है। अब इनमें से किसी एक नाम पर अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में लिया जा सकता है।
सर्च कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट
राम मंदिर परिसर में हुई बैठक के बाद सर्च कमेटी के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी महाराज को रिपोर्ट सौंपी। कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावड़े भी शामिल हैं।
आज प्रस्तावित ट्रस्ट की अहम बैठक में CEO के नाम पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है।

5585 आवेदन आए थे
CEO पद के लिए शुरू की गई प्रक्रिया में कुल 5585 आवेदन मिले थे। आवेदकों की पात्रता अनुभव और अन्य मानकों की जांच के लिए कमेटी ने 600 अंकों का मूल्यांकन फॉर्म तैयार किया था। इस प्रक्रिया में 3577 आवेदकों ने हिस्सा लिया।
स्क्रीनिंग के बाद 470 या उससे अधिक अंक पाने वाले 108 उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए चुना गया। इन सभी उम्मीदवारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की गई।

अंतिम दौर में पहुंचे 16 उम्मीदवार
चार दिन चली प्रक्रिया के बाद 17 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। अंतिम चरण के लिए उन्हें अयोध्या बुलाया गया। इनमें से एक उम्मीदवार नहीं पहुंच सका, जबकि 16 उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में शामिल हुए।
उम्मीदवारों के अनुभव विजन कार्यक्षमता और समझ समेत कई पहलुओं का आकलन करने के बाद सर्च कमेटी ने तीन सबसे उपयुक्त नामों का पैनल तैयार किया।
कई ट्रस्टी पहुंचे अयोध्या
बैठक के लिए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी, युगपुरुष परमानंद और शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती अयोध्या पहुंच चुके हैं। जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ और केशव पराशरण बैठक से ऑनलाइन जुड़ेंगे। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, अंतरिम महासचिव डॉक्टर कृष्ण मोहन और ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास पहले से अयोध्या में मौजूद हैं।
गोविंद देवगिरी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर के बेहतर प्रबंधन के लिए सक्षम CEO की जरूरत महसूस की गई थी। इसी उद्देश्य से विशेषज्ञों की मदद से चयन प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने साफ किया कि अंतिम फैसला न्यास मंडल ही करेगा।
इन नामों की हो रही चर्चा
संभावित नामों में पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम प्रमुख बताया जा रहा है। बिहार के पूर्व DGP डॉ. परेश सक्सेना और IAS दिनेश चंद्र का नाम भी चर्चा में है। पूर्व IAS योगेश्वर राम मिश्र के नाम की भी चर्चा हुई थी, लेकिन उन्होंने इसका खंडन किया है।
चयन समिति का गठन 6 जुलाई 2026 को हुआ था। 3 से 6 अगस्त तक ऑनलाइन संवाद और 11-12 अगस्त को अयोध्या में अंतिम उम्मीदवारों से प्रत्यक्ष बातचीत हुई। 1 सितंबर को सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंप दिया।

