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अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की चार्जशीट, चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट मिली

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच में चोरी की घटना, CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों का जिक्र किया गया है। पुलिस ने चंपत राय और अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाया है, जबकि 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

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In Short

  • अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, कुल 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
  • पुलिस ने चंपत राय और अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाया, दोनों को मामले में गवाह बनाया गया है।
  • - जांच के दौरान चोरी किए गए 2.25 लाख रुपये बरामद हुए और मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया था।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में चोरी की घटना से लेकर पुलिस कार्रवाई तक का पूरा घटनाक्रम दर्ज किया गया है।

पुलिस ने इस मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाया है। दोनों को मामले में गवाह बनाया गया है।

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3 जून को पहली बार पकड़ी गई चोरी

पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, 3 जून को पहली बार चढ़ावे के पैसों की चोरी पकड़ी गई थी। उस दिन गणना कर्मी मदन गोपाल निगम ने अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, अनुकल्प मिश्रा और लव कुश मिश्रा को नोटों की गड्डियां छिपाते हुए देखा था।

इसके बाद मामले की जानकारी सामने आई और जांच शुरू हुई।

4 जून को बरामद हुए 2.25 लाख रुपये

चार्जशीट के अनुसार, 4 जून को भी चोरी की घटना सामने आई। गणना कर्मी संत प्रसाद वर्मा ने अविनाश शुक्ला को चोरी करते हुए देखा।

इसके बाद मदन गोपाल निगम और संत प्रसाद वर्मा की शिकायत पर गेट पर चेकिंग शुरू की गई। जांच के दौरान अविनाश शुक्ला ने चोरी किए गए 2 लाख 25 हजार रुपये बाथरूम में छिपा दिए थे। तलाशी में यह रकम बरामद कर ली गई।

चंपत राय को 4 जून को मिली थी जानकारी

पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, 4 जून की रात दिल्ली से ट्रेन के जरिए अयोध्या आ रहे चंपत राय को चोरी की जानकारी दी गई थी। उन्हें चोरी से जुड़े वीडियो भी भेजे गए थे।

5 जून को अयोध्या पहुंचने के बाद चंपत राय ने कारसेवकपुरम स्थित आवास पर अनिल मिश्रा और गोपाल राव के साथ बैठक की। इस दौरान लैपटॉप पर चढ़ावा चोरी से जुड़े कई CCTV फुटेज दिखाए गए थे।

7 जून को जारी किया था बयान

चार्जशीट में चंपत राय के 7 जून को दिए गए बयान का भी जिक्र किया गया है। इसमें उन्होंने कहा था कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट होता है।

उन्होंने बताया था कि इस प्रक्रिया में ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। उनके बयान के अनुसार, उस समय ऑडिट की प्रक्रिया चल रही थी और तब तक कोई बड़ी बात सामने नहीं आई थी।

Image Credit : Aaj Tak

SIT जांच के बाद दर्ज हुई FIR

चार्जशीट के मुताबिक, 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दी।

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इसके बाद 25 जून 2026 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में FIR दर्ज कराई गई। यह FIR कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज हुई थी।

आठ लोगों को बनाया गया आरोपी

पुलिस की जांच में कई CCTV फुटेज और गवाहों के बयान जुटाए गए। अब दाखिल चार्जशीट में कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है।

वहीं, चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी नहीं बनाया गया है, बल्कि उन्हें मामले में गवाह बनाया गया है।