दीपिंदर गोयल की Temple डिवाइस दिमाग से जुड़े बदलावों को करेगी ट्रैक, भारत लॉन्च से पहले नई रिसर्च जारी
दीपिंदर गोयल की वियरेबल टेक कंपनी Temple ने अपनी BrainFlow टेक्नोलॉजी पर नई रिसर्च साझा की है। कंपनी का दावा है कि यह डिवाइस सिर की सतह के बजाय दिमाग से जुड़े ब्लड फ्लो बदलावों को ज्यादा सटीक तरीके से ट्रैक कर सकती है। यह जानकारी Temple की भारत में संभावित लॉन्चिंग से पहले सामने आई है।

In Short
- Temple BrainFlow दिमाग से जुड़े ब्लड फ्लो बदलाव ट्रैक करने का दावा करता है।
- नई स्टडी में ब्रेन सिग्नल और स्कैल्प सिग्नल की तुलना की गई।
- Temple की भारत लॉन्चिंग की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल की नई कंपनी Temple ने अपनी BrainFlow टेक्नोलॉजी को लेकर नई रिसर्च साझा की है। कंपनी का दावा है कि उसकी वियरेबल डिवाइस दिमाग के आसपास ब्लड फ्लो में होने वाले बदलावों को ट्रैक कर सकती है। यह रिसर्च भारत में डिवाइस के लॉन्च से पहले सामने आई है।

नई स्टडी के मुताबिक, Temple BrainFlow से मिलने वाले सिग्नल का संबंध स्कैल्प यानी सिर की ऊपरी त्वचा की तुलना में दिमाग के ब्लड वॉल्यूम में होने वाले बदलावों से ज्यादा पाया गया।
यह रिसर्च Temple BrainFlow और Time Domain Near Infrared Spectroscopy (TD-NIRS) तकनीक की तुलना पर आधारित है। TD-NIRS एक ऐसी तकनीक है, जो दिमाग के अंदर के टिश्यू और सिर की ऊपरी परत के सिग्नल को अलग-अलग पहचान सकती है।
इस स्टडी में 44 स्वस्थ युवाओं के साथ 60 सेशन किए गए। प्रतिभागियों पर तीन तरह के नियंत्रित टेस्ट किए गए — 30 डिग्री हेड-डाउन टिल्ट, खड़े होने से स्क्वाट पोजिशन में जाना और खड़े होने से लेटने की स्थिति में जाना।
रिसर्च में Temple BrainFlow Index और TD-NIRS से मापे गए ब्रेन और स्कैल्प ब्लड वॉल्यूम बदलावों की तुलना की गई। तीनों टेस्ट में Temple के सिग्नल का दिमाग से संबंध ज्यादा मजबूत पाया गया।
हेड-डाउन टिल्ट टेस्ट में Temple BrainFlow और ब्रेन सिग्नल के बीच कॉरिलेशन 0.912 रहा, जबकि स्कैल्प सिग्नल के साथ यह 0.494 था। वहीं, अन्य दो टेस्ट में भी ब्रेन सिग्नल के साथ कॉरिलेशन ज्यादा दर्ज किया गया।
गोयल ने कहा कि ये नतीजे दिखाते हैं कि “Temple स्कैल्प की तुलना में दिमाग को ज्यादा ट्रैक करता है।” उन्होंने बताया कि ब्रेन ब्लड फ्लो से जुड़ी जानकारी एक्सरसाइज, नींद, डिहाइड्रेशन और लंबे समय तक बैठे रहने जैसी स्थितियों को समझने में मदद कर सकती है।
Temple के मुताबिक, यह डिवाइस लगातार ब्रेन से जुड़े बदलावों को मॉनिटर करने के लिए डिजाइन की गई है, जबकि सामान्य क्लिनिकल टेस्ट किसी एक समय पर जानकारी देते हैं।
इस रिसर्च का नेतृत्व बोस्टन यूनिवर्सिटी के Neurophotonics Center के डायरेक्टर और Temple के साइंटिफिक एडवाइजर डेविड बोआस ने किया है। कंपनी का कहना है कि यह Temple BrainFlow की दूसरी वैलिडेशन स्टडी है।
हालांकि, यह रिसर्च अभी प्रीप्रिंट के रूप में उपलब्ध है और इसका पीयर रिव्यू पूरा नहीं हुआ है। स्टडी में यह भी बताया गया है कि रिसर्च को Temple Private Limited ने फंड किया और कई लेखक कंपनी से जुड़े हुए हैं।
Temple की भारत में लॉन्चिंग
Temple की भारत में लॉन्च डेट अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है। दीपिंदर गोयल पहले बता चुके हैं कि लिमिटेड लॉन्च एडिशन की शिपिंग 2026 के अंत से पहले शुरू हो सकती है। अब कंपनी कुछ अंतिम तैयारियों के बाद प्री-ऑर्डर की तारीख तय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

