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Rahul Gandhi Defamation Case: अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े 8 साल पुराने मानहानि केस को कोर्ट ने किया खारिज

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अमित शाह पर की गई कथित टिप्पणी से जुड़े आठ साल पुराने मामले में बड़ी राहत मिली है। सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट ने सोमवार को अहम फैसला सुनाया। आखिर 2018 में ऐसा क्या हुआ था कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया? जानिए पूरा विवाद।

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In Short

  • सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ 2018 का मानहानि केस खारिज किया।
  • अमित शाह पर कथित टिप्पणी को लेकर BJP नेता विजय मिश्रा ने दर्ज कराई थी शिकायत।
  • राहुल गांधी फैसले के दिन दिल्ली से सुल्तानपुर पहुंचे और खुद कोर्ट में मौजूद रहे।

Rahul Gandhi Defamation Case: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। साल 2018 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। यह मामला पिछले आठ साल से चल रहा था। ऐसे में आइए जानते हैं कि कोर्ट ने क्या फैसला दिया, विवाद कैसे शुरू हुआ और राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए गए थे।

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सुल्तानपुर कोर्ट ने खारिज किया मानहानि केस

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की स्पेशल MP/MLA कोर्ट ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि केस को खारिज कर दिया। राहुल गांधी फैसले के दौरान खुद कोर्ट में मौजूद थे। इसके लिए वह सोमवार को दिल्ली से सुल्तानपुर पहुंचे थे।

यह मामला अमित शाह को लेकर दिए गए एक पुराने बयान से जुड़ा था। उस समय अमित शाह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद से यह मामला कोर्ट में चल रहा था।

2018 में राहुल गांधी ने क्या कहा था?

यह विवाद मई 2018 में शुरू हुआ था। उस समय राहुल गांधी ने कर्नाटक के बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। आरोप था कि उन्होंने अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

शिकायतकर्ता के वकील काशी प्रसाद शुक्ला के मुताबिक, राहुल गांधी ने उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह को हत्या के एक मामले में आरोपी बताया था। इसी बयान को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत की गई थी।

किसने दर्ज कराया था राहुल गांधी के खिलाफ केस?

राहुल गांधी के खिलाफ यह शिकायत BJP नेता विजय मिश्रा ने दर्ज कराई थी। उस समय मिश्रा BJP के जिला उपाध्यक्ष और स्थानीय जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन थे।इस मामले में सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट ने 16 दिसंबर 2023 को राहुल गांधी को समन जारी किया था। इसके बाद मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी।

फैसले से पहले क्या बोले थे शिकायतकर्ता?

कोर्ट का फैसला आने से पहले विजय मिश्रा ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा था कि उन्हें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।उन्होंने कहा कि यह मामला 2018 से 2026 तक चला है। उनके वकीलों ने जिस तरह केस लड़ा है, उसे देखते हुए उन्हें उम्मीद थी कि फैसला उनके पक्ष में आएगा। हालांकि, कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज केस खारिज कर दिया।

इससे पहले वकील पांडे ने बताया था कि अगर राहुल गांधी दोषी पाए जाते, तो IPC की धारा 500 के तहत उन्हें दो साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता था।वहीं, CrPC की धारा 437A के तहत आरोपी को बेल बॉन्ड और जमानतदार देने होते हैं, ताकि निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील होने पर वह ऊपरी अदालत में पेश हो सके।

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