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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की खबर से 13% चढ़ी क्रूड ऑयल प्राइस! भारत पर कितना असर और क्या है आज का पेट्रोल-डीजल रेट?

क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतों में आज भारी इजाफा देखने को मिल रहा है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 13% तक बढ़कर 82.37 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है।

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Oil Prices: यूएस-इजरायल द्वारा ईरान पर हमले का सबसे बड़ा असर ग्लोबल ऑयल मार्केट पर पड़ा है। ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद करने की बात कही है। इसके अलावा ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक जहाज पर अटैक किया है जिससे इस रास्त से जाने वाली अन्य जहाजों पर भी यह डर बैठ गया है कि कहीं उनकी जहाज पर भी हमला ना हो जाए। 

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक ऐसा समुंद्री रास्ता है जहां से ग्लोबल मार्केट में 20-30% कच्चे तेल की सप्लाई होती है। यही कारण है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ना ही सिर्फ भारत बल्कि चीन, जापान सहित अन्य देशों के लिए रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है।

13% उछली क्रूड ऑयल की कीमत 

क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतों में आज भारी इजाफा देखने को मिल रहा है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 13% तक बढ़कर 82.37 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है। हालांकि खबर लिखे जानें तक ब्रेंट क्रूड 9.17% या 6.68 डॉलर चढ़कर 79.59 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

भारत में पेट्रोल-डीजल की रेट

भारत में अभी पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर बढ़े हुए कच्चे तेल का कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। आज दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 103.50 रुपये प्रति लीटर है। वहीं डीजल का भाव दिल्ली में 87.67 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 90.03 रुपये प्रति लीटर है।

गैस की कीमतों में भी उछाल

तेल के अलावा नैचुरल गैस की भी सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती है। यही कारण है कि यूरोप में नैचुरल गैस की कीमतों में आज 24% तक उछाल देखने को मिल रही है।

कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ग्लोबल एलएनजी का बड़ा हिस्सा हैं और आमतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एशिया व यूरोप को निर्यात करते हैं। ईरान द्वारा पड़ोसी देशों पर जवाबी हमलों से क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को भी खतरा बढ़ गया है।

भारत पर कितना असर?

भारत के नजरिए से फिलहाल कोई तत्काल संकट नहीं दिख रहा है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, भारत लंबे समय तक आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी वैकल्पिक बाजारों से अपनी घरेलू मांग पूरी करने में सक्षम है।

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, किसी भी शॉर्ट-टर्म सप्लाई रुकावट से निपटने के लिए भारत ने पर्याप्त रणनीतिक भंडार तैयार रखे हैं:

  • कच्चा तेल (Crude Oil): सप्लाई रुकने पर भी भारत के पास 45 दिनों का पर्याप्त भंडार है।
  • LPG और LNG: गैस की मांग को पूरा करने के लिए लगभग 15 दिनों का रिजर्व मौजूद है।

कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से भारत में महंगाई बढ़ने और चालू खाता संतुलन (Current Account Balance) बिगड़ने का जोखिम है, जिस पर सरकार बारीकी से नजर रख रही है।

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