
न पैसे चोरी हुए न सामान, कानपुर CMO ऑफिस से गायब हो गईं 100 सरकारी फाइलें
कानपुर के CMO कार्यालय में चोरी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चोरों ने नकदी या सामान नहीं, बल्कि रिटायर्ड स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों की करीब 100 पेंशन फाइलें और सेवा पुस्तिकाएं गायब कर दीं। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और CCTV खंगाल रही है।

In Short
- कानपुर CMO ऑफिस से करीब 100 पेंशन फाइलें और सेवा पुस्तिकाएं गायब।
- चोरी में नकदी या अन्य सामान नहीं, बल्कि सिर्फ सरकारी दस्तावेजों को निशाना बनाया गया।
- चकेरी थाने में FIR दर्ज कर पुलिस CCTV फुटेज के जरिए फाइलें गायब करने वालों की तलाश कर रही है।
कानपुर के CMO कार्यालय में चोरी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को हैरान कर दिया है। यहां चोरों ने किसी कीमती सामान, नकदी या दूसरे सामान को निशाना नहीं बनाया, बल्कि सरकारी दस्तावेजों की फाइलें चोरी कर लीं।
CMO कार्यालय के पेंशन कक्ष से रिटायर्ड स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों की करीब 100 पेंशन पत्रावलियां और सेवा पुस्तिकाएं गायब मिली हैं। मामला सामने आने के बाद पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया।
खिड़की खुली मिली, टेबल से गायब थीं फाइलें
जानकारी के मुताबिक, 16 सितंबर को वरिष्ठ सहायक भूप नारायण पाल पेंशन पत्रावली लेने के लिए पेंशन कक्ष पहुंचे थे। वहां पहुंचने पर उन्हें कमरे की खिड़की खुली मिली।
जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो टेबल पर रखी फाइलें गायब थीं। इसके बाद कार्यालय में इसकी जानकारी दी गई। जांच करने पर पता चला कि एक-दो नहीं, बल्कि करीब 100 पेंशन संबंधी पत्रावलियां और सेवा पुस्तिकाएं गायब हैं।
गायब हुई फाइलों में रिटायर्ड स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। इनमें सेवानिवृत्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. रामसुमेर की व्यक्तिगत पेंशन फाइल और सेवा पुस्तिका भी शामिल है।
सिर्फ सरकारी दस्तावेजों को बनाया गया निशाना
CMO कार्यालय में हुई यह चोरी इसलिए चर्चा में है क्योंकि चोरों ने सिर्फ सरकारी दस्तावेजों की फाइलों को ही निशाना बनाया। कार्यालय में मौजूद दूसरी चीजों के चोरी होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पेंशन और सेवा से जुड़ी फाइलें ही क्यों चोरी की गईं। इन दस्तावेजों को ले जाने के पीछे क्या वजह हो सकती है, यह अभी साफ नहीं हो पाया है।

जिस खिड़की से चोरी होने का अंदेशा जताया जा रहा है, उसके बाहर घनी झाड़ियां उगी हुई हैं। ऐसे में यह भी साफ नहीं है कि चोर दिन में पहुंचे थे या रात के समय खिड़की के रास्ते अंदर आए।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले में चकेरी थाने में 19 सितंबर को FIR दर्ज कराई गई है। पुलिस ने सरकारी फाइलों के गायब होने की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
ACP आशुतोष सिंह के मुताबिक, मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कार्यालय के लिपिक की ओर से शिकायत दी गई थी। पुलिस अब आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि फाइलें गायब करने वालों का पता लगाया जा सके।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कार्यालय में कौन आया था और फाइलें किस तरह गायब हुईं। फिलहाल चोरी का तरीका और इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है।
CMO हरिदत्त नेमी फिर चर्चा में
इस घटना के बीच कानपुर के CMO हरिदत्त नेमी एक बार फिर चर्चा में हैं। इससे पहले वह तत्कालीन डीएम जितेंद्र कुमार सिंह से विवाद के बाद चर्चा में आए थे।डीएम की रिपोर्ट के बाद सरकार ने CMO हरिदत्त नेमी का ट्रांसफर कर दिया था। हालांकि, हरिदत्त नेमी हाई कोर्ट से स्टे लेकर वापस आ गए थे और इसके बाद से वह CMO पद पर बने हुए हैं।
अब CMO कार्यालय से करीब 100 महत्वपूर्ण पेंशन पत्रावलियों और सेवा पुस्तिकाओं के गायब होने का मामला प्रशासन और पुलिस के सामने है। पुलिस जहां जांच में जुटी है, वहीं नए डीएम के सामने भी इस मामले की चुनौती होगी।

