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मैसूरु दशहरा 2026: आसमान में नाचता दिखा विशाल मोर, 3,473 ड्रोन ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

मैसूरु दशहरा 2026 में आसमान पर ऐसा नजारा दिखा जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। हजारों ड्रोन ने मिलकर एक विशाल मोर बनाया और कई दूसरी शानदार आकृतियां भी आसमान में उतारीं। इस अनोखे प्रदर्शन ने भारत की तकनीक और संस्कृति को एक साथ जोड़ते हुए विश्व रिकॉर्ड बना दिया।

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In Short

  • 3,473 ड्रोन से बना विशाल मोर, मैसूरु दशहरा 2026 में दर्ज हुआ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड।
  • आसमान में तितली, शेर, चक्र और भगवान कृष्ण की आकृतियां भी दिखाई गईं।
  • - आईआईटी दिल्ली से जुड़ी बॉटलैब डायनेमिक्स ने तैयार किया शानदार ड्रोन शो।

मैसूरु दशहरा 2026 में आसमान के नजारे ने लोगों को हैरान कर दिया। यहां 3,473 ड्रोन की मदद से एक विशाल मोर बनाया गया, जिसके चमकते पंख और नाचते हुए आकार ने दर्शकों का ध्यान खींचा। 18 अक्टूबर को हुए इस ड्रोन शो ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया। इस खास शो में नई तकनीक के साथ भारत की संस्कृति और कला की शानदार झलक देखने को मिली।

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3,473 ड्रोन से बना विशाल मोर

मैसूरु के बन्नीमंतप स्थित टॉर्चलाइट परेड ग्राउंड के ऊपर यह ड्रोन शो आयोजित किया गया। इसमें 3,473 ड्रोन एक साथ आसमान में उड़े और उन्होंने मिलकर भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर का आकार बनाया। रोशनी से जगमगाते इस मोर को इस तरह दिखाया गया, जैसे वह अपने पंख फैलाकर नाच रहा हो। इस प्रदर्शन ने ड्रोन की मदद से आसमान में किसी पक्षी की सबसे बड़ी आकृति बनाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया।

तितली से लेकर भगवान कृष्ण तक की आकृतियां

इस शो में सिर्फ मोर ही नहीं, बल्कि कई दूसरी शानदार आकृतियां भी दिखाई गईं। हजारों रोशनी वाले ड्रोन ने आसमान में तितली, शेर, चक्र और भगवान कृष्ण की आकृतियां बनाईं। ये सभी आकृतियां रंगों और रोशनी से सजी थीं। ड्रोन की एक साथ और सही तालमेल के साथ उड़ान ने रात के आसमान को एक बड़े रंगीन पर्दे जैसा बना दिया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने भी इस शो के वीडियो साझा किए, जिनसे लोगों को इस शानदार नजारे की झलक मिली।

आईआईटी दिल्ली से जुड़ी कंपनी ने तैयार किया शो

इस रिकॉर्ड बनाने वाले ड्रोन शो के पीछे बॉटलैब डायनेमिक्स का हाथ था। यह आईआईटी दिल्ली से जुड़ी एक कंपनी है, जिसने हजारों ड्रोन को एक साथ उड़ाकर यह खास प्रदर्शन तैयार किया। इस शो का आयोजन चामुंडेश्वरी इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी सीईएससी ने किया था। कंपनी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर नाचते हुए मोर का वीडियो भी साझा किया और इस उपलब्धि का जश्न मनाया। इस प्रदर्शन ने दिखाया कि नई तकनीक की मदद से किसी पारंपरिक त्योहार को भी बड़े स्तर पर लोगों के लिए आकर्षक बनाया जा सकता है।

परंपरा और नई तकनीक का शानदार मेल

मैसूरु दशहरा अपने शाही जुलूसों और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए लंबे समय से मशहूर है। इस बार ड्रोन शो ने त्योहार में आधुनिक तकनीक का नया रंग जोड़ दिया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने इस प्रदर्शन की तारीफ करते हुए इसे परंपरा और नई तकनीक के मेल का उदाहरण बताया। उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को राज्य के लिए गर्व का पल भी कहा। सोशल मीडिया पर लोगों ने वीडियो देखकर बधाइयां दीं और इस शानदार प्रदर्शन की तारीफ की। हजारों ड्रोन से बना विशाल मोर कर्नाटक की रचनात्मकता और तकनीकी क्षमता का खास प्रतीक बन गया।

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