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Periods Leave: 90 घंटे वर्क वीक वाले L&T के बॉस का बड़ा ऐलान! फीमेल एम्पलाइज को दी ये बड़ी खुशखबरी

Larsen & Toubro एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। दरअसल, कंपनी ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के बाद कंपनी की सराहना की जा रही है। जहां पहले कंपनी के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन विवादों में घिरे थे, वहीं अब उनकी तारीफ हो रही है। आर्टिकल में पूरी बात जानते हैं।

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L&T Chairman sn subrahmanyan
एलएंडटी चेयरमैन एसएन सुब्रमण्‍यन

भारत की दिग्गज इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी Larsen & Toubro (L&T) ने महिला कर्मचारियों के लिए एक अहम फैसला लिया है। कंपनी ने एलान किया है कि अब हर महीने महिलाओं को Periods Leave मिलेगी। इस फैसले के बाद L&T अपने सेक्टर की पहली कंपनी बन गई है, जिसने इस तरह की पॉलिसी लागू की है।

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कंपनी के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य Work-Life Balance को बेहतर बनाना और महिलाओं को सहूलियत देना है। L&T में कुल 60,000 कर्मचारी हैं, जिनमें से 9 फीसदी महिलाएं हैं।

हर महीने मिलेगी 1 दिन की छुट्टी

एक रिपोर्ट के अनुसार 34% महिला कर्मचारी Menstrual Leave को अपनी सबसे बड़ी मांगों में से एक मानती हैं। इस बीच एलएंडटी ने इसे लागू करके एक मिसाल पेश किया है। इस पॉलिसी के तहत महिला कर्मचारियों को हर महीने एक अतिरिक्त पेड लीव मिलेगी।

L&T के 90 घंटे वर्क आवर पर मचा था बवाल

एलएंडटी के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन हाल ही में अपने 90-Hour Work Week वाले बयान के कारण विवादों में घिर गए थे। उन्होंने कहा था कि कर्मचारियों को हफ्ते में 90 घंटे काम करना चाहिए। वह एक कार्यक्रम में कहते हैं कि कब तक अपनी पत्नी को देखते रहोगे? इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर संभव हो तो रविवार को भी काम करें। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर Work-Life Balance को लेकर बहस छिड़ गई और कई अरबपतियों ने इस पर तंज भी कसे थे।

Periods Leave Policy का चलन बढ़ा

L&T के इस फैसले के बाद, अब भारत में Menstrual Leave Policy को लेकर जागरूकता और भी बढ़ सकती है। ओडिशा सरकार पहली ऐसी सरकार बनी जिसने महिला कर्मचारियों के लिए 1 दिन की Paid Periods Leave लागू की। इसके बाद कर्नाटक सरकार भी 6 दिन की Menstrual Leave Policy पर विचार कर रही है।

वहीं, जोमैटो (Zomato) 2020 से साल में 10 दिन की (Menstrual Leave दे रहा है। अब स्विगी (Swiggy) ने भी यह पॉलिसी लागू कर दी है।

L&T के इस फैसले का क्या होगा असर?

एलएंडटी के इस फैसले से अन्य कंपनियों पर भी दबाव बढ़ेगा कि वे Women-Friendly Corporate Policies को अपनाएं। इससे महिलाओं की हेल्थ और Work-Life Balance में सुधार आएगा। एलएंडटी का यह फैसला भारत में Workplace Inclusivity को बढ़ावा देने वाला है। 

जहां एक तरफ 90-Hour Work Week पर आलोचना हो रही थी, वहीं दूसरी ओर (Periods Leave Policy) को एक पॉजिटिव कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि क्या अन्य बड़ी कंपनियां भी इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाती हैं या नहीं।