ISRO का बड़ा प्लान! 2029 तक देश में होंगे 4 लॉन्च पैड, गगनयान और चंद्रयान-5 मिशन पर भी आया बड़ा अपडेट
यूरोप के कई देशों में जारी प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी में भारतीय समुदाय की जमकर तारीफ की है। उन्होंने भारतीयों के व्यवहार की तुलना यूरोप में हो रही हिंसक घटनाओं से करते हुए बड़ा बयान दिया। जानिए आखिर उन्होंने भारतीयों और छात्रों को लेकर क्या कहा।

In Short
- इसरो का बड़ा प्लान, साल 2029 तक देश में चार लॉन्च पैड होंगे चालू।
- तमिलनाडु में 2,000 एकड़ जमीन पर बनेगा नया स्पेस सेंटर, प्राइवेट कंपनियों को भी मिलेगा मौका।
- गगनयान का पहला बिना इंसान वाला टेस्ट दो महीने में, चंद्रयान-5 के लिए जापान के साथ तैयारी।
भारत अब अंतरिक्ष की दुनिया में अपनी ताकत और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो (ISRO) आने वाले सालों में बड़े मिशन पर काम करने वाला है। इसमें नए लॉन्च पैड बनाने से लेकर सैटेलाइट लॉन्चिंग, गगनयान और चंद्रयान मिशन तक शामिल हैं। खास बात यह है कि इन योजनाओं में प्राइवेट कंपनियों की भी अहम भूमिका होगी। आइए जानते हैं कि इसरो ने आने वाले सालों के लिए क्या-क्या तैयारी की है।
2029 तक देश में होंगे 4 लॉन्च पैड
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन ने बताया कि साल 2029 तक भारत में चार लॉन्च पैड काम करने लगेंगे। उन्होंने शनिवार को एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएशन कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट लॉन्चिंग की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए इसरो स्टार्टअप्स और प्राइवेट कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगा। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इसरो का प्राइवेटाइजेशन नहीं होगा।
2,000 एकड़ में बनेगा नया स्पेस सेंटर
इसरो तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले के कुलशेखरपट्टिनम में 2,000 एकड़ जमीन पर नया स्पेस सेंटर बना रहा है। यह खासतौर पर स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (SSLV) के लिए होगा। यहां लॉन्च पैड, इंटीग्रेशन बिल्डिंग, रेल ट्रैक सिस्टम और सैटेलाइट की निगरानी व कंट्रोल के लिए टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड सिस्टम बनाए जाएंगे। हालांकि, बाकी तीन लॉन्च पैड को लेकर नारायणन ने ज्यादा जानकारी नहीं दी।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में हजारों सैटेलाइट लॉन्च करने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में इसरो प्राइवेट कंपनियों और स्टार्टअप्स को टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराएगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा और हजारों हाई-टेक नौकरियां पैदा होंगी।
गगनयान मिशन की टेस्टिंग जल्द होगी शुरू
इसरो अगले दो महीनों में गगनयान मिशन का पहला बिना इंसान वाला टेस्ट करने की तैयारी में है। इसके बाद दो और ऐसे टेस्ट होंगे। फिर इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने वाला मिशन शुरू होगा।
इन टेस्ट में सेफ्टी सिस्टम, क्रू एस्केप सिस्टम और स्पेसक्राफ्ट के अंदर की सुविधाओं की जांच होगी। अलग-अलग दबाव, तापमान और नमी में सिस्टम कैसे काम करते हैं, यह भी देखा जाएगा। इसरो अब तक करीब 8,000 ग्राउंड टेस्ट कर चुका है। वहीं, चार चुने गए अंतरिक्ष यात्रियों की खास ट्रेनिंग जारी है।
चंद्रयान-5 के लिए जापान के साथ तैयारी
इसरो चंद्रयान-5 मिशन की भी योजना बना रहा है। इसमें जापान की स्पेस एजेंसी के साथ मिलकर काम किया जाएगा। मिशन के तहत चंद्रमा पर 350 किलो वजन वाला रोवर भेजने की योजना है। यह रोवर चांद की सतह पर 100 दिनों तक अलग-अलग वैज्ञानिक प्रयोग करेगा।

