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सरकार बदलने जा रही छोटे कारोबारों के सर्वे के नियम, महिला उद्यमियों से लेकर निवेश तक जुटाएगी जानकारी

देश के छोटे कारोबारियों को लेकर सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। साल 2027-28 से एक अहम सरकारी सर्वे में पांच नए बदलाव देखने को मिलेंगे। इससे महिला कारोबारियों, निवेश और रोजगार से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां सामने आएंगी। जानिए आखिर क्या हैं ये पांच बदलाव और क्यों हैं जरूरी।

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In Short

  • सरकार ASUSE 2027-28 सर्वे में पांच बड़े बदलाव करने की तैयारी में है, अब फाइनेंशियल ईयर के हिसाब से होगा सर्वे।
  • पहली बार महिला उद्यमियों को बिजनेस चलाने में आने वाली परेशानियों और लंबे समय के निवेश की जानकारी जुटाई जाएगी।
  • - हैंडलूम, पावरलूम और हैंडीक्राफ्ट कारोबार की पहचान के लिए नए सवाल जुड़ेंगे, बिजली के इस्तेमाल का भी लिया जाएगा डेटा।

देश में छोटे कारोबारों और बिना रजिस्ट्रेशन वाली कंपनियों की स्थिति को बेहतर तरीके से समझने के लिए सरकार एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अब सर्वे में सिर्फ कारोबार और रोजगार के आंकड़े ही नहीं, बल्कि महिलाओं को बिजनेस चलाने में आने वाली दिक्कतों, बिजली के इस्तेमाल और निवेश से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी। आइए जानते हैं कि सरकार इस सर्वे में कौन से पांच बदलाव करने जा रही है और इनका क्या फायदा होगा।

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1. अब फाइनेंशियल ईयर के हिसाब से होगा सर्वे

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने एनुअल सर्वे ऑफ अनइनकॉरपोरेटेड सेक्टर एंटरप्राइजेज (ASUSE) 2027-28 में पांच बदलावों का प्रस्ताव दिया है। पहला बदलाव सर्वे के समय से जुड़ा है।

अब यह सर्वे अप्रैल 2027 से मार्च 2028 तक यानी फाइनेंशियल ईयर के हिसाब से किया जाएगा। इससे इसके आंकड़ों की तुलना एनुअल सर्वे ऑफ इंडस्ट्रीज और दूसरे कारोबारी सर्वे से करना आसान होगा।

2. महिला कारोबारियों की परेशानियों पर सवाल

सर्वे में पहली बार महिला उद्यमियों से उनके बिजनेस में आने वाली दिक्कतों के बारे में खास सवाल पूछे जाएंगे।

इसमें यह समझने की कोशिश होगी कि महिलाओं को अपना कारोबार चलाने और संभालने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। मंत्रालय के मुताबिक, इससे महिला उद्यमियों की समस्याओं को समझने और उनके लिए बेहतर नीतियां बनाने में मदद मिल सकती है।

3. बिजली कहां से मिलती है, इसकी भी जानकारी

तीसरा बदलाव बिजली के इस्तेमाल से जुड़ा है। सर्वे में अब कारोबारियों से पूछा जाएगा कि वे अपने काम के लिए बिजली किन-किन स्रोतों से लेते हैं।

इससे सरकार को पता चलेगा कि छोटे कारोबारों में बिजली का इस्तेमाल किस तरह हो रहा है। साथ ही अनौपचारिक क्षेत्र में एनर्जी की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।

4. कारोबार में निवेश का भी लिया जाएगा हिसाब

चौथा बदलाव फिक्स्ड एसेट्स यानी मशीनों, उपकरणों और दूसरी स्थायी संपत्तियों में निवेश से जुड़ा है।

अब सर्वे में पहले के मुकाबले लंबी अवधि के निवेश की जानकारी जुटाई जाएगी। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि कारोबारी अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए कितना निवेश कर रहे हैं और उनकी आगे की योजनाएं कैसी हैं।

5. हथकरघा और हस्तशिल्प कारोबार की होगी पहचान

पांचवां बदलाव टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़ा है। कपड़ा मंत्रालय की मांग पर सर्वे में दो नए सवाल जोड़े जाएंगे।

इनके जरिए हैंडलूम, पावरलूम और हैंडीक्राफ्ट से जुड़े कारोबारों की अलग पहचान की जाएगी। इससे सरकार को इन क्षेत्रों में काम करने वाली इकाइयों की बेहतर जानकारी मिल सकेगी।

क्यों जरूरी है यह सर्वे?

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भारत की अर्थव्यवस्था में अनौपचारिक क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी है। ASUSE के जरिए छोटे कारोबारों की संख्या, उनकी कमाई से जुड़ी गतिविधियों, प्रोडक्टिविटी और रोजगार की जानकारी जुटाई जाती है।

इन आंकड़ों का इस्तेमाल आर्थिक स्थिति समझने, सरकारी नीतियां बनाने और देश की आर्थिक गणना में किया जाता है। नए बदलावों से सरकार को इस क्षेत्र की ज्यादा विस्तृत तस्वीर मिल सकेगी।