रिकॉर्ड लो पर भारतीय करेंसी रुपया! यूएस डॉलर के मुकाबले अब इतना गिरा - ये है बड़ी वजह
रुपये की गिरावट डॉलर तक ही सीमित नहीं रही। भारतीयर करेंसी रुपया चीनी युआन के मुकाबले भी गिरकर 12.3307 तक पहुंच गया है जो इस सप्ताह में 1.2% और इस महीने में 1.6% की गिरावट को दर्शाता है।

Indian Rupee: भारतीय करेंसी 'रुपया' आज 29 अगस्त को US डॉलर के मुकाबले नए निचले स्तर 87.9650 पर पहुंच गया। इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी प्रशासन द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ हैं। अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यातों पर 50% टैरिफ लागू करने के फैसले ने बाजार में हलचल मचा दी, जिससे रुपया और गिरा है।
रुपए का संकट
रुपये की गिरावट डॉलर तक ही सीमित नहीं रही। भारतीयर करेंसी रुपया चीनी युआन के मुकाबले भी गिरकर 12.3307 तक पहुंच गया है जो इस सप्ताह में 1.2% और इस महीने में 1.6% की गिरावट को दर्शाता है। पिछले चार महीनों में रुपया युआन के मुकाबले 6% गिर चुका है।
IDFC FIRST बैंक की अर्थशास्त्री गौरा सेन गुप्ता ने कहा कि रुपये की गिरावट चीनी युआन के मुकाबले टैरिफ अंतर को दर्शाती है, जिसका असर ऐसे क्षेत्रों पर पड़ रहा है जो अमेरिकी बाजार में चीन से कंपीटिशन करते हैं, जैसे कि टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग सामान और केमिकल।
भारतीय निर्यातकों के लिए संभावित राहत
हालांकि, युआन के मुकाबले कमजोर रुपया भारतीय निर्यातकों के लिए राहत का कारण बन सकता है। कमजोर रुपया भारतीय उत्पादों को चीनी उत्पादों के मुकाबले सस्ती बना सकता है, जिससे भारतीय निर्यातों को ग्लोबल बाजारों में कंपनीटिशन बढ़त मिल सकती है। इसके अलावा, यह भारत के बढ़ते चीन व्यापार घाटे को भी कम करने में मदद कर सकता है।
RBI का दृष्टिकोण
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) युआन-रुपया एक्सचेंज रेट पर करीब से नजर रखे हुए है, जो अब भारत की आर्थिक रणनीति में एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ANZ बैंक के एफएक्स रणनीतिकार धीरज निम ने कहा कि RBI युआन के मुकाबले रुपये की गिरावट को लेकर खुश हो सकता है, क्योंकि यह डॉलर के मुकाबले महत्वपूर्ण गिरावट नहीं है।
आर्थिक असर
जहां रुपये ने इस सप्ताह युआन के मुकाबले 1% की गिरावट दर्ज की है, वहीं डॉलर के मुकाबले 0.3% की मामूली गिरावट आई है, और यह 88 प्रति डॉलर के स्तर के ऊपर बना हुआ है। बैंकर्स का मानना है कि RBI की हस्तक्षेप ने रुपये की गिरावट को सीमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।