IIT Delhi की इंजीनियर ने बनाया ऐसा फ्रिज ट्रक का इंजन बंद होने पर भी चलता रहेगा कूलिंग सिस्टम
IIT Delhi की पूर्व छात्रा Shaivee Malik और उनके को-फाउंडर्स ने Yotuh Energy के जरिए ऐसा इलेक्ट्रिक रेफ्रिजरेशन सिस्टम बनाया है जो ट्रक का इंजन बंद होने पर भी कूलिंग जारी रख सकता है। कंपनी का दावा है कि इससे कोल्ड-चेन का खर्च और कार्बन उत्सर्जन दोनों कम हो सकते हैं।

In Short
- इंजन से अलग कूलिंग: eRIL सिस्टम बैटरी से चलता है और ट्रक का इंजन बंद होने पर भी सामान को ठंडा रख सकता है।
- 1,000 से ज्यादा डिलीवरी: कंपनी के मुताबिक ग्राहक 3 लाख किलोमीटर से ज्यादा दूरी में 1,000 से अधिक temperature-sensitive deliveries पूरी कर चुके हैं।
- 75% तक खर्च घटाने का दावा: Yotuh Energy का कहना है कि उसकी टेक्नोलॉजी refrigeration running cost को 75% तक कम कर सकती है और सालाना 3–36 टन CO2 बचा सकती है।
IIT Delhi की पूर्व छात्रा Shaivee Malik और उनके को-फाउंडर्स Vivek Mahindrakar और Dharmik Bapodara ने भारत की कोल्ड-चेन समस्या के लिए एक नया समाधान तैयार किया है। उनकी क्लाइमेट-टेक स्टार्टअप Yotuh Energy ऐसी इलेक्ट्रिक रेफ्रिजरेशन सिस्टम बना रही है जो डिलीवरी वाहन का इंजन बंद होने के बाद भी सामान को ठंडा रख सकती है।
Formula Racing से शुरू हुआ सफर
Shaivee Malik ने IIT Delhi में 2017 से 2021 तक पढ़ाई की। इस दौरान वह संस्थान की AXLR8R Formula Racing टीम का हिस्सा थीं, जहां उन्होंने इलेक्ट्रिक रेस कारों की डिजाइन और बिल्डिंग पर काम किया। यही अनुभव आगे चलकर हार्डवेयर डेवलपमेंट और असली दुनिया की समस्याओं के समाधान में काम आया।
ग्रेजुएशन के बाद तीनों ने क्लाइमेट से जुड़ी किसी बड़ी समस्या पर काम करने का फैसला किया और उनका फोकस कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स पर गया।
इंजन बंद लेकिन कूलिंग चालू
पारंपरिक रेफ्रिजरेटेड ट्रकों में कूलिंग कई बार वाहन के इंजन पर निर्भर करती है। इसका मतलब यह है कि ट्रक खड़ा होने पर भी डीजल खर्च हो सकता है।
Yotuh Energy का eRIL यानी Electric Refrigeration for Intracity Logistics सिस्टम बैटरी से चलता है और वाहन के इंजन से अलग काम करता है। इससे ट्रक रुक जाए या उसमें खराबी आ जाए तब भी कूलिंग जारी रह सकती है। इसे पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के वाहनों में लगाया जा सकता है।
छोटे डिलीवरी वाहनों पर फोकस
यह सिस्टम खास तौर पर छोटे कमर्शियल वाहनों के लिए तैयार किया गया है। कंपनी के मुताबिक इसका adaptive cooling सिस्टम ऑपरेटिंग कंडीशन के हिसाब से खुद कूलिंग बदल सकता है। Door sensors और temperature monitoring के जरिए बार-बार डिलीवरी के दौरान भी तापमान पर नजर रखी जा सकती है।
कंपनी का कहना है कि उसके ग्राहकों ने अब तक 1,000 से ज्यादा temperature-sensitive deliveries पूरी की हैं और कुल 3 लाख किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की है। Real operations में temperature compliance 90–95% रही है।
फंडिंग और विस्तार
Yotuh Energy की शुरुआत 2022 में हुई थी। कंपनी पहले Delhi में रजिस्टर्ड थी और बाद में IIT Madras में incubation के लिए Chennai चली गई। Malik की पृष्ठभूमि biotechnology में है जबकि Mahindrakar mechanical engineering और Bapodara production and industrial engineering से हैं।
स्टार्टअप ने बाद में 1.53 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई। कंपनी के सिस्टम Tata Ace जैसे last-mile vehicles पर भी इस्तेमाल किए जा चुके हैं।
खर्च और प्रदूषण दोनों कम करने का दावा
Yotuh Energy का दावा है कि उसकी टेक्नोलॉजी इस्तेमाल के हिसाब से हर यूनिट पर सालाना 3 से 36 टन CO2 बचा सकती है और refrigeration running cost को 75% तक कम कर सकती है। कंपनी का मकसद छोटे ऑपरेटर्स के लिए cold-chain transportation को सस्ता और ज्यादा साफ बनाना है।

