
खून से लथपथ थे कैप्टन स्मित, फिर भी दिखाई सूझबूझ! ऐसे बची फ्लाईदुबई के यात्रियों की जान
दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में अचानक हालात बेहद गंभीर हो गए। भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हमला हुआ और प्लेन तेजी से नीचे जाने लगा। घायल होने के बावजूद कैप्टन ने सूझबूझ दिखाई। इसके बाद यात्रियों और क्रू ने मिलकर हालात कैसे संभाले, जानिए पूरी कहानी।

In Short
- घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में दिखाई सूझबूझ।
- यात्रियों और क्रू ने मिलकर संदिग्ध हमलावर को किया काबू।
- ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने प्लेन संभालकर सऊदी अरब में कराई सुरक्षित लैंडिंग।
दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक पायलट ने कथित तौर पर प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की। इस दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला किया गया। बुरी तरह घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने वाला बटन दबाया। इसके बाद यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचने का मौका मिला और हमलावर को काबू किया गया।
एक मिनट में 16 हजार फीट नीचे आया प्लेन
हमले के दौरान प्लेन तेजी से नीचे जाने लगा और करीब एक मिनट में 16 हजार फीट नीचे आ गया। कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद कुछ यात्री और क्रू मेंबर अंदर पहुंचे। इजरायली मीडिया Ynet के मुताबिक, चार इजरायली नागरिकों ने हमलावर को काबू करने में क्रू की मदद की।
इसके बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने प्लेन का कंट्रोल संभाला और उसे सऊदी अरब के एक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा।
यानिव हायुन ने संभाला प्लेन का कंट्रोल
इस फ्लाइट में यानिव हायुन भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि जब यात्री कॉकपिट तक पहुंचे तो उसका दरवाजा लॉक नहीं था। उनका मानना था कि घायल भारतीय पायलट ने बेहोश होने से पहले दरवाजा खोल दिया था।
हायुन के मुताबिक, कॉकपिट में संदिग्ध को-पायलट दोनों सीटों के बीच कंट्रोल के पास था। उन्होंने उसे पकड़कर वहां से हटाया और फिर प्लेन की दिशा ठीक करने में मदद की। हायुन ने बताया कि प्लेन को सीधा करने के लिए उन्होंने योक यानी कंट्रोल हैंडल को पीछे खींचा। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी 'मेडे' शो देखने से मिली थी।

डेंटिस्ट ने रोका कैप्टन का खून
प्लेन में मौजूद डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसाएव भी मदद के लिए आगे आए। हमलावर को काबू करने के बाद उन्होंने घायल कैप्टन का इलाज किया। उनके मुताबिक, कैप्टन के सिर और हाथों पर गहरे घाव थे और काफी खून बह चुका था। उन्होंने खून बहना रोकने की कोशिश की और लैंडिंग तक उनकी हालत संभाली।
यात्रियों ने मिलकर हमलावर को किया काबू
असाफ राजुआन और ज्विका मेनस ने भी हमलावर को रोकने में मदद की। राजुआन के मुताबिक, प्लेन तेजी से नीचे की ओर जाने लगा था और अंदर चीख-पुकार मच गई थी। यात्रियों और क्रू ने मिलकर संदिग्ध को करीब 50 मिनट तक काबू में रखा।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना में मदद करने वाले लोगों को हीरो बताया। घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार का सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा है।

