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बैंक कर्मचारियों को मिलेगी हफ्ते में 2 दिन छुट्टी? IBA ने बनाई कमेटी, जानें कब होगा फैसला

बैंक कर्मचारियों की हफ्ते में पांच दिन काम करने की पुरानी मांग पर बड़ा अपडेट आया है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए हाई लेवल कमेटी बनाई है। तीन दिन की हड़ताल टलने के बाद अब सवाल है कि क्या सभी शनिवार को बैंक बंद रहेंगे और नई व्यवस्था कब लागू होगी?

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In Short

  • पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर चर्चा के लिए IBA ने बनाई हाई लेवल कमेटी।
  • कमेटी बाकी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित करने और ग्राहकों पर इसके असर को लेकर चर्चा करेगी।
  • बैंक यूनियनों ने तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल टाली, पांच दिन की बैंकिंग लागू होने की तारीख अभी तय नहीं।

बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही हफ्ते में पांच दिन काम करने की मांग पर बड़ा अपडेट आया है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर बातचीत के लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाई है। यह फैसला 27 सितंबर 2026 को IBA, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और BKSM के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया है। हालांकि, अभी पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

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बैंक हड़ताल टलने के बाद बनी कमेटी

बैंक यूनियनों ने अपनी कई मांगों को लेकर तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया था। इसमें पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग भी शामिल थी।

यह हड़ताल सोमवार से शुरू होने वाली थी और बैंकों की छमाही क्लोजिंग के समय पड़ रही थी। हालांकि, IBA और यूनियनों के बीच बातचीत के बाद हड़ताल टाल दी गई। इसके चलते सोमवार को बैंकों में सामान्य कामकाज जारी रहना था।

कमेटी में कौन-कौन शामिल?

IBA ने 29 सितंबर को जारी सूचना में कमेटी के सदस्यों की जानकारी दी है। बैंक ऑफ इंडिया के एमडी और सीईओ रजनीश कर्नाटक को इसका चेयरमैन बनाया गया है।

वहीं, पंजाब नेशनल बैंक के एमडी और सीईओ अशोक चंद्रा वैकल्पिक चेयरमैन होंगे।

कमेटी में इंडियन बैंक के एमडी और सीईओ बिनोद कुमार, आईडीबीआई बैंक के एमडी और सीईओ राकेश शर्मा और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर जीएस राणा भी शामिल हैं।

इसके अलावा UFBU से जुड़ी यूनियनों के सात प्रतिनिधि भी कमेटी का हिस्सा होंगे। BKSM के महासचिव विनोद निकम आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल होंगे।

क्या हर शनिवार बंद रहेंगे बैंक?

कमेटी का मुख्य काम बाकी बचे शनिवारों को भी बैंक अवकाश घोषित करने की मांग पर चर्चा करना होगा।

यूनियनों के मुताबिक, कमेटी इस व्यवस्था को लागू करने के अलग-अलग विकल्पों पर विचार करेगी। साथ ही ग्राहकों सहित सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करके ऐसा समाधान निकालने की कोशिश होगी, जो सभी को स्वीकार हो।

Image Credit : Aaj Tak

पांच दिन काम करने की मांग कितनी पुरानी?

पांच दिन के वर्कवीक की शुरुआत काम के घंटों में बदलाव की लंबी प्रक्रिया से जुड़ी है।

साल 1817 में रॉबर्ट ओवेन ने आठ घंटे काम, आठ घंटे मनोरंजन और आठ घंटे आराम का विचार दिया था। साल 1886 में अमेरिका में मजदूरों ने आठ घंटे काम की मांग को लेकर हड़ताल की थी।

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इसके बाद 1926 में हेनरी फोर्ड ने अपनी फैक्ट्रियों में पांच दिन और 40 घंटे का वर्कवीक लागू किया। अमेरिका ने 1938 में औपचारिक रूप से 40 घंटे के वर्कवीक को अपनाया।

क्या कर्मचारियों की दूसरी मांगों पर भी होगी चर्चा?

पांच दिन की बैंकिंग के अलावा यूनियनों ने स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम पर भी चिंता जताई है।

UFBU के मुताबिक, इस स्कीम में बदलाव का प्रस्ताव सरकार को भेजने के लिए IBA से बातचीत हो सकती है। इसके अलावा 8 मार्च 2024 की बैठक में दर्ज बाकी मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

इन आश्वासनों के बाद यूनियनों ने फिलहाल अपना आंदोलन और हड़ताल टाल दी है। हालांकि, पांच दिन की बैंकिंग कब से लागू होगी, इसे लेकर अभी कोई तारीख घोषित नहीं की गई है।