बजट से पहले इकोनॉमी सर्वे पेश, FY27 में GDP ग्रोथ 6.8% से 7.2% रहने का अनुमान, पहली बार AI पर पूरा एक चैप्टर
इस रिपोर्ट में बीते एक साल के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था का पूरा लेखा-जोखा सामने रखा गया है। सरकार ने इसमें ग्रोथ, ग्लोबल जोखिम, नई तकनीक और आगे की आर्थिक दिशा पर साफ संकेत दिए हैं।

Economic Survey 2025-26: बजट से ठीक पहले आज वित्त मंत्री, निर्मला सीतारमण ने संसद में इकोनॉमी सर्वे (आर्थिक सर्वेक्षण) पेश किया है। इस रिपोर्ट में बीते एक साल के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था का पूरा लेखा-जोखा सामने रखा गया है। सरकार ने इसमें ग्रोथ, ग्लोबल जोखिम, नई तकनीक और आगे की आर्थिक दिशा पर साफ संकेत दिए हैं।
FY27 के लिए ग्रोथ अनुमान
आर्थिक सर्वे के मुताबिक वित्त वर्ष 2027 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% के दायरे में रह सकती है। सरकार का मानना है कि घरेलू मांग, निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस से अर्थव्यवस्था को सपोर्ट मिलेगा, हालांकि ग्लोबल अनिश्चितताएं अभी भी एक बड़ा जोखिम बनी हुई हैं।
पहली बार AI पर अलग चैप्टर
इस बार के आर्थिक सर्वे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर अलग से एक पूरा चैप्टर शामिल किया गया है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में नई तकनीक और डिजिटल इकोनॉमी पर सरकार का फोकस और गहराने वाला है। रिपोर्ट में AI को प्रोडक्टिविटी, रोजगार और ग्रोथ के लिहाज से अहम बताया गया है।
ग्लोबल अनिश्चितता पर खास जोर
आर्थिक सर्वे में वैश्विक हालात का बड़े पैमाने पर जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि जियोपॉलिटिकल तनाव, सप्लाई चेन में रुकावट और वैश्विक फाइनेंशियल स्थितियां भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। इसी वजह से घरेलू मजबूती और नीति-स्तर पर सतर्कता पर जोर दिया गया है।
सोना-चांदी भी फोकस में
रिपोर्ट में सोने और चांदी को लेकर भी खास जिक्र किया गया है। ग्लोबल अनिश्चितता के दौर में इनकी भूमिका, मांग और कीमतों के असर को आर्थिक स्थिरता के नजरिए से देखा गया है।
क्या होता है इकोनॉमिक सर्वे?
आर्थिक सर्वेक्षण एक अहम सरकारी दस्तावेज होता है, जिसे हर साल बजट से पहले पेश किया जाता है। इसमें देश की आर्थिक स्थिति, चुनौतियों और आगे की रणनीति का आकलन होता है। इस रिपोर्ट को वित्त मंत्रालय की टीम तैयार करती है और संसद में मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) इसे पेश करते हैं।

