सितंबर में ही ठंड का एहसास! क्या El Nino बदल रहा है दिल्ली के मौसम का मिजाज?
दिल्ली में सितंबर के महीने में ही सर्दी जैसा एहसास होने लगा है। राजधानी में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो 2001 के बाद सितंबर का सबसे कम स्तर है। अचानक बदले मौसम ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सर्दी जल्दी आने वाली है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है? जानिए विशेषज्ञों की राय।

In Short
- दिल्ली में न्यूनतम तापमान 21°C दर्ज हुआ, जो सितंबर में 2001 के बाद सबसे कम है।
- मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, तापमान में गिरावट की वजह लगातार बारिश और बादल हैं।
- 30 सितंबर से उत्तर भारत में धूप बढ़ने और तापमान फिर चढ़ने की संभावना है।
दिल्ली में सितंबर के महीने में ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। रविवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह साल 2001 के बाद सितंबर का सबसे कम न्यूनतम तापमान है। पिछले 25 वर्षों में सितंबर का यह दूसरा सबसे कम तापमान भी है। लगातार बारिश और बादलों के कारण मौसम ठंडा हो गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार सर्दी जल्दी आने वाली है और क्या इसके पीछे El Niño का असर है?

दिल्ली में अचानक क्यों गिरा तापमान?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, तापमान में आई इस गिरावट की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी से उठा एक लंबे समय तक सक्रिय रहा डीप डिप्रेशन है। इस मौसमी सिस्टम के कारण देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हुई।
मौसम तक के संस्थापक देवेंद्र त्रिपाठी ने IndiaToday.in को बताया कि मानसून की वापसी के दौरान पश्चिमी हवाएं मजबूत होने लगती हैं। इन हवाओं के कारण यह मौसमी सिस्टम लंबे समय तक सक्रिय रहा।
इसके असर से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बारिश हुई। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड भी इससे प्रभावित हुए।
लगातार बारिश और बादलों के कारण दिन में सूरज की गर्मी कम मिली, जिससे तापमान गिर गया।

क्या फिर बढ़ेगी गर्मी?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, यह ठंडक ज्यादा दिनों तक रहने की उम्मीद नहीं है। मौजूदा सिस्टम कमजोर पड़ने के साथ उत्तर भारत में शुष्क पश्चिमी हवाओं का असर बढ़ सकता है।
30 सितंबर और 1 अक्टूबर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में धूप निकलने की संभावना है। बादल कम होने और मौसम शुष्क होने से दिन का तापमान दोबारा बढ़ सकता है।
एक और मौसमी सिस्टम की आहट
इस बीच म्यांमार के पास एक और डिप्रेशन विकसित हो रहा है, जो अगले कुछ दिनों में बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी हिस्से से आगे बढ़ सकता है।
इसके कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में फिर बारिश हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका असर पिछले सिस्टम के मुकाबले कम रहने की संभावना है।
क्या El Nino के कारण जल्दी आएगी सर्दी?
मौसम विशेषज्ञों ने साफ किया है कि दिल्ली में सितंबर के दौरान तापमान गिरने का सीधा संबंध El Nino से नहीं है। यह लगातार सक्रिय रहे मौसमी सिस्टम और बारिश का असर है।
यानी दिल्ली में सितंबर की असामान्य ठंडक को सर्दियों की जल्दी शुरुआत का संकेत नहीं माना जा सकता। फिलहाल आने वाले दिनों में तापमान फिर बढ़ने की संभावना है।

