
महिला क्रिकेट टीम ने क्यों नहीं ली ट्रॉफी? BCCI ने बताया पूरा मामला
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के ट्रॉफी नहीं लेने के फैसले पर BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि यह कदम क्यों उठाया गया और क्या यह खिलाड़ियों का फैसला था या बोर्ड का। पूरे मामले की वजह और BCCI का पक्ष जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।

In Short
- BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बताया ट्रॉफी नहीं लेने के फैसले की वजह
- सैकिया बोले- यह खिलाड़ियों का नहीं बल्कि BCCI का फैसला था
- प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन के तरीके पर BCCI ने जताई थी आपत्ति
भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा ट्रॉफी नहीं लेने के मामले पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि ट्रॉफी नहीं लेना कोई विवाद पैदा करने के लिए नहीं किया गया था। BCCI ने पहले ही अपनी स्थिति साफ कर दी थी और उसी के अनुसार यह फैसला लिया गया।
सैकिया ने कहा कि टूर्नामेंट जीतना अपने आप में बहुत बड़ी बात है, लेकिन ट्रॉफी लेने का तरीका ऐसा था जिससे BCCI सहमत नहीं था। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने पहले ही अपनी बात संबंधित पक्षों के सामने रख दी थी।
प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन के तरीके पर थी आपत्ति
देवजीत सैकिया ने कहा कि जिस तरह से प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन की योजना बनाई गई थी, वह BCCI को पसंद नहीं थी। उन्होंने बताया कि इस बारे में पहले ही चेयरमैन को जानकारी दे दी गई थी।
उन्होंने कहा कि BCCI ने साफ कर दिया था कि अगर कार्यक्रम उसी तरीके से किया गया तो टीम उसमें हिस्सा नहीं लेगी। लेकिन जब उस व्यवस्था में बदलाव नहीं हुआ, तो BCCI ने अपने फैसले के अनुसार ट्रॉफी नहीं लेने का निर्णय लिया।
सैकिया ने कहा कि ट्रॉफी बाद में ले ली जाएगी, लेकिन उस समय BCCI ने अपनी तय स्थिति के अनुसार कदम उठाया।

फैसला खिलाड़ियों का नहीं, BCCI का था: सैकिया
जब उनसे पूछा गया कि यह फैसला खिलाड़ियों ने लिया था या BCCI ने, तो देवजीत सैकिया ने साफ कहा कि यह पूरा फैसला BCCI का था।
उन्होंने कहा कि बोर्ड ने सभी चीजों पर आपस में चर्चा की थी और BCCI की जो पहले से स्थिति थी, वही अब भी कायम है। उनके मुताबिक खिलाड़ी, टीम और BCCI के अधिकारी सभी एक ही फैसले के साथ हैं।
सभी की एक जैसी थी राय
BCCI सचिव ने कहा कि ऐसा नहीं है कि खिलाड़ियों का कोई अलग फैसला था और बोर्ड का कोई अलग। उन्होंने कहा कि BCCI जो नीति तय करता है, उसी के अनुसार सभी लोग कार्रवाई करते हैं।
सैकिया ने यह भी कहा कि बोर्ड की ओर से लिए गए फैसलों को सभी मिलकर लागू करते हैं और इस मामले में भी यही हुआ है। उन्होंने दोहराया कि ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला BCCI की नीति के तहत लिया गया था।

