इन्फ्लुएंसर बनने की पढ़ाई अब कॉलेज में, ASU ने शुरू किया कंटेंट क्रिएशन का बैचलर डिग्री प्रोग्राम
अब सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाना सिर्फ शौक नहीं बल्कि करियर का रास्ता बनता जा रहा है। अमेरिका की एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी ने कंटेंट क्रिएशन में बैचलर डिग्री शुरू की है। इस कोर्स में छात्रों को वीडियो पॉडकास्टिंग और पर्सनल ब्रांडिंग जैसी स्किल सिखाई जाएंगी।

In Short
- एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी ने कंटेंट क्रिएशन में बैचलर डिग्री प्रोग्राम शुरू किया है जिसमें पॉडकास्टिंग स्टूडियो प्रोडक्शन और कैमरा प्रेजेंस जैसी स्किल सिखाई जाएंगी।
- अमेरिका की क्रिएटर इकोनॉमी इस साल 20 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंचने का अनुमान है लेकिन डिग्री वायरल होने या कमाई की गारंटी नहीं देती।
- इस कोर्स में सीखी गई कम्युनिकेशन मार्केटिंग नेटवर्किंग और पर्सनल ब्रांडिंग जैसी स्किल दूसरी नौकरियों में भी काम आ सकती हैं।
सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाना अब सिर्फ शौक या साइड इनकम का जरिया नहीं रह गया है। अमेरिका की एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी ने कंटेंट क्रिएशन को एक करियर ऑप्शन के तौर पर देखते हुए इसमें बैचलर डिग्री प्रोग्राम शुरू किया है। इस कोर्स में छात्रों को पॉडकास्टिंग स्टूडियो प्रोडक्शन और कैमरे के सामने अपनी पहचान बनाने जैसी स्किल सिखाई जाएंगी। इस डिग्री के जरिए यूनिवर्सिटी कंटेंट क्रिएशन की दुनिया को औपचारिक पढ़ाई का हिस्सा बना रही है।
कंटेंट बनाने से आगे की स्किल सिखाएगा कोर्स
एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के वॉल्टर क्रोनकाइट स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन ने यह बैचलर प्रोग्राम शुरू किया है। इसमें छात्रों को सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट बनाना नहीं बल्कि कंटेंट तैयार करने की पूरी प्रक्रिया समझाई जाएगी।
इस कोर्स में पॉडकास्ट प्रोडक्शन स्टूडियो में काम करना और कैमरे के सामने बेहतर तरीके से अपनी बात रखना जैसी जरूरी स्किल शामिल हैं। यूनिवर्सिटी का फोकस इस बात पर है कि कंटेंट क्रिएटर बनने के लिए सिर्फ फॉलोअर्स और व्यूज काफी नहीं होते बल्कि कई तरह की प्रोफेशनल स्किल की जरूरत होती है।
क्रिएटर इकोनॉमी बन रही है बड़ा करियर विकल्प
कंटेंट क्रिएशन इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है। ईमार्केटर के एनालिस्ट मैक्स विलेंस के अनुसार अमेरिका की क्रिएटर इकोनॉमी इस साल 20 अरब डॉलर से ज्यादा का कारोबार कर सकती है।
हालांकि बड़ी इंडस्ट्री होने के बावजूद हर क्रिएटर के लिए कमाई एक जैसी नहीं होती। स्पॉन्सर्ड कंटेंट अभी भी कमाई का बड़ा जरिया है और अलग-अलग क्रिएटर्स की इनकम में काफी अंतर देखा जाता है।
मैक्स विलेंस का कहना है कि किसी डिग्री से यह गारंटी नहीं मिल सकती कि कोई व्यक्ति वायरल हो जाएगा।
कॉलेज मान रहे हैं इन्फ्लुएंसिंग को करियर
कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की कम्युनिकेशन प्रोफेसर ब्रुक एरिन डफी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि कॉलेज अब इन्फ्लुएंसिंग और कंटेंट क्रिएशन को एक सही करियर विकल्प के रूप में पहचान रहे हैं।
सोशल मीडिया पर दिखने वाली आसान जिंदगी के पीछे काफी मेहनत होती है। क्रिएटर्स को लगातार नेटवर्क बनाना पड़ता है अपनी पहचान को प्रमोट करना होता है और कमाई के नए मौके तलाशने पड़ते हैं। वीडियो या पोस्ट तैयार करने में पर्दे के पीछे काफी काम शामिल होता है।
ये स्किल दूसरी नौकरियों में भी आएंगी काम
फीनिक्स की क्रिएटर आयशा बीस्ली का कहना है कि कम्युनिकेशन मार्केटिंग नेटवर्किंग और पर्सनल ब्रांडिंग जैसी स्किल सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं हैं।
इन स्किल का इस्तेमाल पारंपरिक नौकरियों में भी किया जा सकता है। यानी अगर कोई छात्र आगे चलकर फुल टाइम क्रिएटर नहीं भी बनता है तो भी यह पढ़ाई उसके करियर में मदद कर सकती है।
एएसयू ग्रेजुएट और क्रिएटर सैमी क्रिस्टर्ना ने कहा कि वह अपनी पहले की पढ़ाई के दौरान इन विषयों को औपचारिक रूप से पढ़ने का विकल्प चाहते थे।
चार साल की डिग्री का खर्च कितना होगा
इस प्रोग्राम की फीस अमेरिका की दूसरी चार साल की डिग्री की तरह ही होगी। एरिजोना के रहने वाले छात्रों के लिए एएसयू की सालाना ट्यूशन फीस करीब 12,000 डॉलर है जबकि रहने खाने समेत कुल खर्च 37,000 डॉलर सालाना से ज्यादा हो सकता है।
एरिजोना से बाहर के छात्रों के लिए यह खर्च 60,000 डॉलर सालाना से ज्यादा पहुंच सकता है। हालांकि स्कॉलरशिप और दूसरी आर्थिक मदद मिलने पर खर्च कम हो सकता है।

