एविएशन में बड़ा बदलाव, इलेक्ट्रिक विमान X1 ने भरी पहली उड़ान, 27 मिनट के टेस्ट रन में खर्च हुए सिर्फ ₹480
अमेरिकी स्टार्टअप Heart Aerospace के इलेक्ट्रिक विमान X1 ने पहली टेस्ट फ्लाइट सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। बैटरी से चलने वाले इस विमान ने 27 मिनट की उड़ान के दौरान 1,100 फीट की ऊंचाई हासिल की। कंपनी इस तकनीक को भविष्य की इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड एविएशन व्यवस्था की दिशा में अहम कदम मान रही है।

In Short
- अमेरिका की Heart Aerospace ने अपने ऑल-इलेक्ट्रिक विमान X1 की पहली सफल उड़ान पूरी की, जो बैटरी की ताकत से उड़ने वाला बड़ा एयरक्राफ्ट है।
- X1 ने 27 मिनट की टेस्ट फ्लाइट में 1,100 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरी और इस दौरान बिजली का खर्च करीब ₹480 आया।
- कंपनी का लक्ष्य ES-30 हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक विमान तैयार करना है, जो रीजनल एयरलाइंस की ऑपरेटिंग लागत को 40% से ज्यादा कम कर सकता है।
Aerospace X1 Electric Aircraft: अब तक विमान उड़ाने के लिए हजारों लीटर फ्यूल की जरूरत होती थी, लेकिन एविएशन की दुनिया में अब बदलाव की कोशिश हो रही है। अमेरिका में एक ऐसा इलेक्ट्रिक विमान पहली बार आसमान में पहुंचा है, जो फ्यूल की जगह बैटरी की ताकत से उड़ता है। इस टेस्ट फ्लाइट में 27 मिनट की उड़ान के दौरान बिजली का खर्च सिर्फ करीब 480 रुपये आया।
अमेरिकी स्टार्टअप Heart Aerospace ने अपने ऑल-इलेक्ट्रिक विमान X1 की पहली सफल उड़ान पूरी की है। कंपनी इसे दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट बता रही है।
27 मिनट तक हवा में रहा Aerospace X1
Aerospace X1 ने 12 अगस्त को अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित प्लैट्सबर्ग इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली बार उड़ान भरी। इस टेस्ट फ्लाइट के दौरान विमान करीब 1,100 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा और सफलतापूर्वक लैंड किया।
कंपनी के मुताबिक, इस 27 मिनट की उड़ान के दौरान इलेक्ट्रिक पावरट्रेन ने 1 मेगावाट से ज्यादा पावर दी। पूरी टेस्ट फ्लाइट में इस्तेमाल हुई बिजली का खर्च करीब 5 डॉलर यानी लगभग 480 रुपये रहा।
बड़ा आकार फिर भी पूरी तरह बैटरी से उड़ान
Aerospace X1 आकार में किसी छोटे प्राइवेट विमान जैसा नहीं है। इसकी लंबाई करीब 76 फीट है और विंग स्पैन यानी पंखों का फैलाव करीब 32.3 मीटर है।
टेकऑफ के समय इसका वजन 25,000 पाउंड यानी 11,340 किलोग्राम से ज्यादा था। इसके बावजूद यह विमान पूरी तरह बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक पावरट्रेन की मदद से उड़ान भरने में सफल रहा।
एयरलाइंस का खर्च कम करने की कोशिश
इलेक्ट्रिक विमान की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ प्रदूषण कम करना नहीं है, बल्कि इससे एयरलाइंस की ऑपरेटिंग लागत घटाने की कोशिश भी की जा रही है।
मौजूदा विमानों में छोटी दूरी की उड़ानों के लिए भी काफी मात्रा में फ्यूल खर्च होता है। ऐसे में इलेक्ट्रिक पावरट्रेन वाली तकनीक से एविएशन सेक्टर के खर्च को कम करने की उम्मीद जताई जा रही है।
ES-30 हाइब्रिड विमान है कंपनी का अगला लक्ष्य
Heart Aerospace का असली लक्ष्य ES-30 हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक विमान तैयार करना है। कंपनी के मुताबिक, यह विमान रीजनल एयरलाइंस की ऑपरेटिंग लागत को 40 फीसदी से ज्यादा कम कर सकता है।
ES-30 में 30 यात्रियों के साथ सामान ले जाने की क्षमता होगी। यह फुल टैंक और पूरी तरह चार्ज बैटरी के साथ करीब 804 किलोमीटर तक सफर कर सकेगा। वहीं, सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड में यह करीब 201 किलोमीटर तक उड़ान भर पाएगा।
X1 का इस्तेमाल पैसेंजर उड़ान के लिए नहीं होगा
Heart Aerospace का X1 सीधे यात्रियों को लेकर उड़ान भरने वाला विमान नहीं है। इसका इस्तेमाल ES-30 हाइब्रिड विमान के लिए जरूरी तकनीक की टेस्टिंग के लिए किया जा रहा है।
कंपनी X1 के जरिए इलेक्ट्रिक पावरट्रेन, एयरोडायनामिक्स और फ्लाइट परफॉर्मेंस जैसी तकनीकों की जांच कर रही है। इस टेस्टिंग के लिए विमान को अमेरिका की फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) की एक्सपेरिमेंटल कैटेगरी के तहत मंजूरी मिली है।
कंपनी ने ES-30 के टाइप सर्टिफिकेशन के लिए 2031 का लक्ष्य रखा है। इससे पहले विमान को कई चरणों की टेस्टिंग और सुरक्षा प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।

