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छात्रों के प्रोटेस्ट में AK-47 से चली गोली! पुलिस की कार्रवाई पर उठे बड़े सवाल

NEET पेपर में कथित गड़बड़ी के खिलाफ बिहार में हुए प्रदर्शन के दौरान चली गोली ने पुलिस की कार्रवाई पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद एक पुलिसकर्मी पर एक्शन हुआ है और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। आखिर उस दिन क्या हुआ और जांच में अब क्या सामने आएगा?

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In Short

  • NEET प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग करने वाला बिहार पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिया गया है और डिपार्टमेंटल इंक्वायरी शुरू हो गई है।
  • सीवान की घटना में तीन लोग घायल हुए हैं जिनमें 15 साल के मोहम्मद आरिफ की गर्दन में गोली लगी थी। डॉक्टरों ने गोली निकाल दी है और उसकी हालत स्टेबल है।
  • राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में PIL दाखिल की है जबकि तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

NEET Protest: बिहार बंद के दौरान NEET पेपर में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर हो रहे प्रोटेस्ट के बीच AK-47 से गोली चलने का मामला सामने आया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे। आखिर AK-47 से गोली चलाने वाले पुलिसकर्मी पर क्या एक्शन लिया गया?

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AK-47 से फायरिंग करने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड

बिहार पुलिस ने उस पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया है जिसका वीडियो प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों पर AK-47 से कम से कम एक राउंड गोली चलाते हुए सामने आया था। यह घटना 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान हुई। यह बंद NEET परीक्षा के पेपर में गड़बड़ी के आरोपों के खिलाफ बुलाया गया था।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और AK-47 चलाने पर सवाल उठने लगे। लेकिन इस फायरिंग में कितने लोग घायल हुए और 15 साल के किशोर को गोली कहां लगी?

तीन लोग घायल 15 साल के लड़के की गर्दन में लगी गोली

सीवान की इस घटना में घायल तीन लोगों का इलाज पटना के जयप्रभा मेदांता हॉस्पिटल में चल रहा है। तीनों की हालत अब ठीक और स्टेबल बताई जा रही है। घायलों में 15 साल का मोहम्मद आरिफ भी शामिल है जो एक दुकान पर काम करता है।

परिवार के मुताबिक बंद के कारण दुकान बंद करने के बाद आरिफ घर लौट रहा था तभी उसकी गर्दन में गोली लग गई। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकाल दी है और अब उसकी हालत स्टेबल है। लेकिन यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंचा और राजद सांसद मनोज कुमार झा ने क्या कदम उठाया?

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राजद सांसद मनोज कुमार झा

राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने इस फायरिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन यानी PIL दाखिल की है। यह मामला NEET पेपर में गड़बड़ी के आरोपों के खिलाफ बिहार में हुए बड़े प्रोटेस्ट से जुड़ा है।

बिहार बंद के दौरान कई जिलों में प्रोटेस्ट हुए थे। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन टियर गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया था। लेकिन इस घटना पर तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने क्या सवाल उठाए?

तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने उठाए सवाल

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। वीडियो में एक पुलिसकर्मी छात्रों की ओर गोली चलाता दिखाई दे रहा है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि छात्र प्रोटेस्ट के दौरान बार-बार ताकत का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली में पैलेट गन और बिहार में बंदूक चलाए जाने का जिक्र किया। लेकिन पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर क्या कदम उठाया है?

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डिपार्टमेंटल इंक्वायरी शुरू आगे हो सकती है कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली जिम्मेदारी है लेकिन नियम तोड़ने के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

यह पता लगाने के लिए डिपार्टमेंटल इंक्वायरी शुरू की गई है कि AK-47 तय नियमों के अनुसार चलाई गई थी या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी पर डिपार्टमेंटल या लीगल एक्शन लिया जा सकता है।