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Aadhaar और UPI ने दुनिया में बढ़ाया भारत का मान, टॉप 10 सबसे प्रभावी सुधारों में मिली जगह

आधार और UPI ने भारत को दुनिया में बड़ी पहचान दिलाई है। CareEdge Global Ratings की रिपोर्ट में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को दुनिया के 10 सबसे प्रभावी सुधारों में शामिल किया गया है। देश में 130 करोड़ से ज्यादा लोग आधार से जुड़े हैं और UPI से हर महीने 13 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन होते हैं। जानिए रिपोर्ट में भारत की डिजिटल सफलता के बारे में क्या कहा गया है।

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आधार से 130 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े हैं, जो देश की कुल आबादी का करीब 95% है।
आधार से 130 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े हैं, जो देश की कुल आबादी का करीब 95% है।

In Short

  • Aadhaar और UPI के दम पर भारत का डिजिटल सिस्टम दुनिया के 10 सबसे प्रभावी सुधारों में शामिल।
  • देश में 130 करोड़ से ज्यादा लोग आधार से जुड़े, UPI पर हर महीने 13 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन।
  • CareEdge की रिपोर्ट में 38 देशों के 43 सुधारों का आकलन किया गया।

भारत के आधार (Aadhaar) और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने दुनिया में अपनी खास पहचान बनाई है। CareEdge Global Ratings की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) दुनिया के 10 सबसे प्रभावी सुधारों में शामिल हुआ है। आधार और UPI जैसी सुविधाओं ने बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना आसान बनाया है।

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130 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास आधार

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 130 करोड़ से ज्यादा लोग आधार सिस्टम से जुड़े हैं, जो देश की आबादी का करीब 95% है।

वहीं, UPI के जरिए हर महीने 13 अरब से ज्यादा लेनदेन होते हैं। इससे पता चलता है कि भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल कितनी तेजी से बढ़ा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि छोटे और मझोले कारोबारों (MSME) के 85% से ज्यादा लेनदेन डिजिटल तरीके से हो रहे हैं। इससे कारोबार में नकदी पर निर्भरता कम हुई है।

डिजिटल सुविधाओं से आम लोगों को फायदा

CareEdge Global Ratings के चीफ रेटिंग ऑफिसर नितेश जैन के मुताबिक, भारत के डिजिटल सिस्टम ने कई पुरानी समस्याओं को दूर करने में मदद की है।

पहले बैंकिंग सेवाओं, लोन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। लेकिन आधार और UPI जैसी सुविधाओं ने इन सेवाओं तक पहुंच आसान बनाई है।

सरकार, बैंक, नियामकों और फिनटेक कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल ने भारत के डिजिटल सिस्टम को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

38 देशों के 43 सुधारों का हुआ आकलन

CareEdge की रिपोर्ट में 38 देशों के 43 बड़े सुधारों का अध्ययन किया गया। इनमें 10 सुधारों को सबसे प्रभावी, 9 को मध्यम प्रभावी, 15 को अभी प्रगति पर और 9 को कम प्रभावी माना गया।

भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे प्रभावी सुधारों की श्रेणी में शामिल रहा।

इस सूची में ग्रीस के टैक्स सिस्टम का डिजिटलीकरण, जर्मनी के कर्ज नियंत्रण नियम, साइप्रस के बैंकिंग सुधार और फिलीपींस का प्रोजेक्ट रिपील भी शामिल हैं।

आगे क्या होंगी चुनौतियाँ?

रिपोर्ट के मुताबिक, किसी सुधार की घोषणा करना ही काफी नहीं है, उसे सही तरीके से लागू करना भी जरूरी है।

आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, जलवायु जोखिम और नई तकनीकों जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सरकारों को अपनी नीतियों में बदलाव करने होंगे।

रिपोर्ट बताती है कि भारत का डिजिटल सिस्टम दूसरे देशों के लिए भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभरा है।