scorecardresearch

Crude Oil Price: कच्चा तेल 110 डॉलर पर पहुंचा, ईरान और हूती हमलों से बढ़ी चिंता, क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

Crude Oil Price Hike: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। ईरान, सऊदी अरब और रूस-यूक्रेन संघर्ष से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे में सवाल है कि क्या महंगे कच्चे तेल का असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और आम लोगों की जेब पर भी पड़ेगा?

Advertisement
विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चा तेल 100 डॉलर के पार जाने से महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चा तेल 100 डॉलर के पार जाने से महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

In Short

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 101.41 डॉलर पर बंद हुआ।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों, सऊदी अरब पर हूती हमलों और रूस-यूक्रेन संघर्ष से तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी।
  • कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा रहने पर भारत में पेट्रोल-डीजल, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों की लागत बढ़ने का खतरा है।

दुनियाभर में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। 16 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। मिडिल ईस्ट और रूस-यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित होने का डर बढ़ गया है। इससे आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी दबाव पड़ सकता है।

advertisement

Brent Crude 110 डॉलर तक पहुंचा

16 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड की कीमत कारोबार के दौरान 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो मई के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, बाद में यह 109.86 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। इसमें 3.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वहीं, अमेरिकी कच्चे तेल WTI की कीमत 3.5% बढ़कर 101.41 डॉलर प्रति बैरल हो गई। पूरे सप्ताह में WTI की कीमत 10% से ज्यादा और ब्रेंट क्रूड करीब 5% बढ़ा।

ईरान और हूती हमलों से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर तेल बाजार पर पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों पर हमले तेज कर दिए हैं। यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल की सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल हमले किए हैं। इससे वहां तेल उत्पादन और सप्लाई से जुड़े ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

रूस-यूक्रेन संघर्ष का भी असर

दूसरी तरफ, रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष भी तेल की कीमतों में वृद्धि की बड़ी वजह बन रहा है। यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले जारी रखने की बात कही है।

इन हमलों के कारण तेल की सप्लाई और उसे दूसरे देशों तक पहुंचाने में रुकावट आने की आशंका बढ़ गई है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।

क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए भी चिंता का विषय हैं, क्योंकि देश अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है।

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल लंबे समय तक महंगा रहता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा माल ढुलाई, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों की लागत भी बढ़ सकती है। हालांकि, भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी या नहीं, यह तेल कंपनियों और सरकार के फैसलों पर भी निर्भर करेगा।

advertisement