AI से TCS और HCLTech की कमाई में जबरदस्त उछाल, फिर भी कुल कारोबार की रफ्तार धीमी क्यों?
भारत की बड़ी IT कंपनियां TCS और HCLTech आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तेजी से कमाई कर रही हैं। TCS का सालाना AI रेवेन्यू 3.1 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है, जबकि HCLTech के एडवांस AI कारोबार में 72% की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद कंपनियों की कुल ग्रोथ धीमी है। आखिर AI से बढ़ती कमाई का पूरा फायदा कंपनियों को क्यों नहीं मिल रहा?

In Short
- TCS का सालाना AI रेवेन्यू 3.1 अरब डॉलर के पार, तिमाही आधार पर 19.2% बढ़ा।
- HCLTech का एडवांस AI रेवेन्यू 72% बढ़ा, लेकिन कुल डॉलर रेवेन्यू सिर्फ 2.2% बढ़ा।
- AI से कमाई बढ़ने के बावजूद पुराने IT कारोबार पर दबाव से कंपनियों की कुल ग्रोथ धीमी है।
भारत की बड़ी IT कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से अच्छी कमाई कर रही हैं, लेकिन इसका असर उनकी कुल कमाई पर उतना नहीं दिख रहा है। TCS और HCLTech जैसी कंपनियों के AI कारोबार में तेज बढ़ोतरी हुई है, जबकि कुल रेवेन्यू की बढ़ोतरी सीमित रही है। इससे सवाल उठ रहा है कि AI कंपनियों के लिए नया कारोबार ला रहा है या पुराने IT काम की जगह ले रहा है।
TCS और HCLTech की AI से कमाई बढ़ी
देश की सबसे बड़ी IT कंपनी TCS ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बताया कि उसकी AI से सालाना अनुमानित कमाई 3.1 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंच गई है। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 19.2% की बढ़ोतरी हुई है। AI अब कंपनी के कुल रेवेन्यू में 10% से ज्यादा योगदान दे रहा है।
वहीं, HCLTech की एडवांस AI से सालाना अनुमानित कमाई 87.6 करोड़ डॉलर पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 72% ज्यादा है।
हालांकि, TCS का कुल डॉलर रेवेन्यू सिर्फ 2.4% और HCLTech का 2.2% बढ़ा।
AI से कमाई बढ़ने के बाद भी ग्रोथ धीमी क्यों?
विशेषज्ञों के मुताबिक, AI कंपनियों के काम को आसान और तेज बना रहा है। इससे कम समय में और कम कर्मचारियों के साथ काम पूरा हो सकता है।
लेकिन इसका दूसरा असर भी है। ग्राहक अब IT कंपनियों से कम कीमत पर सेवाएं देने की मांग कर सकते हैं। ऐसे में AI से नया कारोबार मिलने के बावजूद पुराने काम से होने वाली कमाई घट सकती है।
Deloitte India के सिद्धार्थ टिपनिस के मुताबिक, अगले 12 से 18 महीनों में पुराने IT कॉन्ट्रैक्ट की कीमतों पर दबाव धीरे-धीरे कम हो सकता है।
Wipro और Tech Mahindra का कैसा रहा प्रदर्शन?
दूसरी IT कंपनियों के नतीजे भी अलग-अलग रहे हैं। सितंबर तिमाही में Wipro के IT सर्विसेज रेवेन्यू में सालाना आधार पर सिर्फ 0.6% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, कंपनी की कुल बुकिंग पिछली तिमाही से 22.9% घट गई।
दूसरी तरफ, Tech Mahindra का कुल रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 15.6% बढ़ा।
IT कंपनियों के सामने क्या है बड़ी चुनौती?
AI से कंपनियों को नए प्रोजेक्ट और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के मौके मिल रहे हैं। हालांकि, इससे पुराने IT काम की जरूरत और उनकी कीमत भी कम हो सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि AI से कंपनियों को कितना नया कारोबार मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में IT कंपनियों की असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे AI की बढ़ती मांग को कुल कमाई और मुनाफे में कितनी अच्छी तरह बदल पाती हैं।

