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RBI के नाम पर वायरल लेटर ने बढ़ाई चिंता, क्या इसके पीछे छिपा है ठगी का नया जाल?

RBI के नाम और लोगो का इस्तेमाल कर लोगों तक एक ऐसा लेटर पहुंचाया जा रहा है, जो पहली नजर में बिल्कुल असली लग सकता है। इसमें पैसे मिलने का दावा है, लेकिन उससे पहले एक रकम जमा करने को कहा जा रहा है। आखिर इस नए स्कैम की असली चाल क्या है?

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AI Generated Image

In Short

  • RBI के नाम पर फर्जी लेटर भेजकर ₹1 लाख रिलीज कराने के बदले ₹7,500 का रिफंडेबल टैक्स मांगा जा रहा है।
  • RBI ने साफ किया है कि वह किसी व्यक्ति से कॉल, ईमेल, SMS या लेटर के जरिए पैसे या पर्सनल जानकारी नहीं मांगता।
  • ऐसे किसी लेटर पर पैसे ट्रांसफर न करें और तुरंत लोकल पुलिस या साइबर क्राइम अथॉरिटी में शिकायत दर्ज कराएं।

RBI Scam Alert:  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI के नाम पर लोगों से पैसे ठगने का नया मामला सामने आया है। इंटरनेट पर घूम रहे एक फर्जी लेटर में रुका हुआ पैसा दिलाने का दावा किया जा रहा है और इसके बदले पहले टैक्स जमा करने को कहा जा रहा है।

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 RBI ने साफ किया है कि वह इस तरह किसी व्यक्ति से पैसे नहीं मांगता। आखिर इस फर्जी लेटर में लोगों को किस तरह फंसाने की कोशिश की जा रही है?

₹1 लाख रिलीज कराने के नाम पर ₹7,500 की मांग

वायरल हो रहे फर्जी लेटर में कहा गया है कि इसे पाने वाले व्यक्ति का ₹1,00,000 का पेमेंट रुका हुआ है। दावा है कि यह रकम पाने के लिए पहले ₹7,500 का रिफंडेबल टैक्स जमा करना होगा। स्कैमर्स भरोसा दिलाते हैं कि यह पैसा जमा होते ही ₹1 लाख अकाउंट में भेज दिए जाएंगे।

RBI ने कहा ऐसे लेटर पर भरोसा न करें

RBI ने साफ कहा है कि वह किसी भी आम व्यक्ति को अचानक फोन, ईमेल, SMS या लेटर भेजकर पैसे या निजी जानकारी नहीं मांगता। RBI लोगों के नाम पर अकाउंट नहीं खोलता और न ही किसी व्यक्ति के लिए पैसा, विदेशी करेंसी या कोई दूसरा फंड अपने पास रखता है।

RBI के अधिकारी लॉटरी लगने, विदेश से पैसा आने या कोई रकम रिलीज होने की खबर देने के लिए लोगों से संपर्क नहीं करते। इसलिए RBI के नाम पर पैसे मांगने वाला कोई भी मैसेज या लेटर मिले तो उस पर भरोसा न करें। लेकिन स्कैमर्स थोड़ी रकम मांगकर लोगों से धीरे-धीरे ज्यादा पैसा कैसे ऐंठते हैं?

छोटे पेमेंट से शुरू होता है पूरा स्कैम

इस तरह की ठगी में स्कैमर्स शुरुआत में छोटी रकम मांगते हैं। इस पैसे को प्रोसेसिंग फीस, ट्रांजैक्शन फीस, टैक्स क्लियरेंस चार्ज, कन्वर्जन चार्ज या क्लियरिंग फीस बताया जाता है। पहली बार पैसा जमा करने के बाद वे कोई नया बहाना बनाकर फिर से रकम मांगते हैं।

पैसा जमा कराने के लिए अलग-अलग बैंक अकाउंट दिए जा सकते हैं। कई बार स्कैमर्स लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक अकाउंट का भी इस्तेमाल करते हैं। जब अच्छी-खासी रकम जमा हो जाती है, तो वे पैसा निकालकर या विदेश भेजकर गायब हो जाते हैं। लेकिन इनके फर्जी लेटर और वेबसाइट पहली नजर में इतने असली क्यों लगते हैं?

फर्जी वेबसाइट और अधिकारियों के नाम से रहें सतर्क

स्कैमर्स लेटर और वेबसाइट को असली दिखाने के लिए RBI जैसा लोगो, लेटरहेड और बड़े अधिकारियों के नाम इस्तेमाल करते हैं। किसी अधिकारी का नाम सही हो सकता है, लेकिन उसका सिग्नेचर और कॉन्टैक्ट डिटेल फर्जी हो सकते हैं।

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RBI की केवल एक ऑफिशियल वेबसाइट www.rbi.org.in है। इससे मिलते-जुलते नाम, लोगो या वेबसाइट देखकर भरोसा नहीं करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति ऐसी ठगी का शिकार हो जाए या उसे इस तरह का लेटर मिले, तो शिकायत कहां करनी चाहिए?

स्कैम होने पर तुरंत यहां करें शिकायत

RBI ने कहा है कि उसके नाम से आए किसी भी फर्जी लेटर, मैसेज, कॉल या ईमेल पर भरोसा करके पैसा ट्रांसफर न करें। अगर आपसे किसी फीस, टैक्स या चार्ज के नाम पर रकम मांगी जाए, तो पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें।

ऐसा कोई मामला सामने आने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम विभाग में शिकायत करें। समय पर शिकायत करने से ठगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में मदद मिल सकती है।