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अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में बदल सकती है जांच टीम, सीनियर IPS करेंगे अगुवाई

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच सकती है। जल्द नई SIT बन सकती है, जिसकी कमान एक सीनियर IPS अधिकारी संभालेंगे। जानिए पुरानी जांच में क्या सामने आया, कितनी बरामदगी हुई और नई टीम किन लोगों की भूमिका दोबारा जांचेगी।

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In Short

  • अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जल्द नई SIT बन सकती है, जिसकी कमान सीनियर IPS अधिकारी को दी जाएगी।
  • सूत्रों के मुताबिक लखनऊ रेंज की IG किरन एस को नई जांच टीम का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
  • नई SIT पुरानी रिपोर्ट और सभी सबूतों की दोबारा जांच कर महीने के अंत तक फाइनल रिपोर्ट दे सकती है।

Ram Mandir SIT Investigation: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार जल्द नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT बना सकती है। सूत्रों के मुताबिक, टीम का गठन आज या अगले कुछ दिनों में किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार इस नई जांच टीम की जिम्मेदारी एक सीनियर IPS अधिकारी को दी जाएगी।

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किरन एस को मिल सकती है SIT की कमान

सूत्रों के अनुसार लखनऊ रेंज की IG किरन एस को नई SIT का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। टीम में जांच को मजबूत बनाने के लिए वित्त और प्रशासनिक विभाग के दूसरे सीनियर अधिकारियों को भी शामिल किए जाने की संभावना है।

नई टीम बनने के बाद अभी जांच कर रही SIT में भी बदलाव होगा। मौजूदा SIT के अध्यक्ष और लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के साथ विशेष सचिव वित्त नील रतन को टीम से हटाया जाएगा।

पुरानी जांच रिपोर्ट भी देखेगी नई टीम

नई SIT मामले की जांच पूरी तरह नए सिरे से शुरू नहीं करेगी। पहले की टीम ने अब तक जो रिपोर्ट तैयार की है, उसे भी नई जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। इससे पहले जुटाए गए सबूतों, बयानों और दूसरी जानकारी को दोबारा समझने में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही नई SIT मामले से जुड़े सभी पुराने और नए तथ्यों की फिर से जांच करेगी। टीम यह भी देखेगी कि पहले की जांच में कोई जरूरी बात छूट तो नहीं गई और उपलब्ध सबूतों की सही तरीके से पुष्टि हुई या नहीं।

अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी

इस मामले में पुलिस और मौजूदा SIT की जांच के आधार पर अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें टिन्नू यादव, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव शामिल हैं।

जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे और बैंक खातों से करीब 80 लाख रुपये नकद, विदेशी करेंसी, गहने, गाड़ियां और प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात बरामद किए गए हैं। CCTV फुटेज में कर्मचारियों द्वारा पैसे छिपाने के संकेत मिलने के बाद ट्रस्ट की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी।

दूसरे कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

चढ़ावे के पैसे संभालने में हुई लापरवाही को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ सीनियर अधिकारियों पर भी सवाल उठे हैं। जांच का दायरा बढ़ाकर दूसरे कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक नई SIT जांच को तेजी से आगे बढ़ाएगी। सभी तथ्यों और सबूतों की दोबारा जांच के बाद इस महीने के अंत तक फाइनल रिपोर्ट तैयार किए जाने की संभावना है।

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