Paytm Wallet की हो सकती है वापसी, कंपनी ने उठाया बड़ा कदम; अब RBI के फैसले पर टिकी नजर
Paytm अपने डिजिटल वॉलेट कारोबार में वापसी की तैयारी कर रहा है। कंपनी ने PPSL के जरिए पीपीआई लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। मंजूरी मिलने पर ग्राहकों को UPI के साथ एक और पेमेंट विकल्प मिल सकता है और Paytm की अपनी वॉलेट सर्विस फिर शुरू हो सकती है।

In Short
- Paytm ने पीपीएसएल के जरिए पीपीआई लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।
- मंजूरी मिलने पर कंपनी अपना डिजिटल वॉलेट दोबारा शुरू कर सकेगी।
- ग्राहकों को UPI के साथ पेमेंट का एक और विकल्प मिल सकता है।
Paytm Wallet: Paytm एक बार फिर अपने डिजिटल वॉलेट कारोबार में लौटने की तैयारी कर रहा है। कंपनी की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली कंपनी पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड यानी PPSL के जरिए प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब इस साल की शुरुआत में RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया था। इसके बाद Paytm की अपनी वॉलेट सर्विस बंद हो गई थी। अब नया लाइसेंस मिलने पर कंपनी अपने ग्राहकों को दोबारा वॉलेट की सुविधा दे सकेगी।
कंपनी ने निवेशकों को दी जानकारी
Paytm ने जून तिमाही की इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन में इस आवेदन के बारे में बताया है। कंपनी का कहना है कि वॉलेट सर्विस शुरू होने से उसकी मौजूदा पेमेंट सेवाएं और बेहतर होंगी।
Paytm के मुताबिक, ग्राहकों को पेमेंट के कई विकल्प मिलने चाहिए। वॉलेट जुड़ने से लोगों को UPI के साथ एक और तरीके से भुगतान करने की सुविधा मिल सकती है।
पीपीआई लाइसेंस से क्या कर पाएगी Paytm?
RBI की ओर से दिया जाने वाला पीपीआई लाइसेंस कंपनियों को डिजिटल वॉलेट जारी करने और चलाने की इजाजत देता है। इस तरह के वॉलेट में ग्राहक पहले पैसे डालते हैं और बाद में उसी रकम से भुगतान करते हैं।
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वॉलेट का इस्तेमाल ऑनलाइन और दुकानों पर खरीदारी, बिजली-पानी जैसे बिल भरने और तय सीमा के अंदर पैसे भेजने के लिए किया जा सकता है। इसमें ग्राहक को हर बार सीधे बैंक खाते का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता।
सेविंग्स अकाउंट से अलग वॉलेट में उतनी ही रकम रहती है, जितनी ग्राहक खुद उसमें डालता है। आवेदन मंजूर होने पर Paytm को वॉलेट चलाने के लिए किसी दूसरे बैंक पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
बैंक का लाइसेंस रद्द होने के बाद क्या बदला?
पेटीएम पेमेंट्स बैंक कई साल से RBI की निगरानी में था। बैंक पर नियमों का पालन न करने और कामकाज से जुड़ी कमियों को लेकर सवाल उठते रहे थे।
इसके बाद RBI ने नए ग्राहक जोड़ने पर रोक लगाई और अप्रैल 2026 में बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया। हालांकि, RBI ने कहा था कि बैंक के पास ग्राहकों का पैसा लौटाने के लिए पर्याप्त रकम मौजूद थी।
लाइसेंस रद्द होने के बाद Paytm ने कई बैंकों के साथ मिलकर UPI सर्विस जारी रखी। ग्राहक और दुकानदार UPI का इस्तेमाल करते रहे, लेकिन कंपनी की अपनी वॉलेट सर्विस नहीं रही।
मंजूरी मिली तो क्या होगा?
वॉलेट कभी Paytm के सबसे अहम प्रोडक्ट्स में शामिल था। इससे कंपनी को बड़ी संख्या में ग्राहक जोड़ने में मदद मिली थी। बाद में Paytm ने टिकट बुकिंग, दुकानदारों के पेमेंट और दूसरी वित्तीय सेवाओं में अपना कारोबार बढ़ाया।
अगर RBI आवेदन को मंजूरी देता है, तो Paytm अपना डिजिटल वॉलेट फिर से शुरू कर सकेगा। इससे ग्राहकों को UPI के अलावा एक और पेमेंट विकल्प मिलेगा और कंपनी अपने डिजिटल पेमेंट कारोबार को भी मजबूत कर पाएगी।

