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Koo , भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफार्म अब होने जा रहा है बंद

इस कंपनी का मुश्किलों से घिरा दौर सितंबर 2022 में शुरू हुआ था जब कंपनी ने अपने शुरुआती दौर के बाद पहली बार लगभग 40 कर्मचारिओं को बाहर निकाल दिया था। इस ऐप के लोगो में एक पीली चिड़िया थी। इस ऐप के लॉंच के बाद से इसे क़रीब 6 करोड़ बार डाउनलोड किया गया है।

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ट्वीटर को टक्कर देने वाला कू अब बंद होने जा रहा है
ट्वीटर को टक्कर देने वाला कू अब बंद होने जा रहा है

ट्वीटर को टक्कर देने वाला कू अब बंद होने जा रहा है। भारत के Aprameya Radhakrishna और Mayank Bidawatka ने Koo की शुरुआत 2020 में की गई थी और इसने सरकार के आत्मनिर्भर ऐप इनोवेशन चैलेंज में भी जीत हासिल की थी। 

शुरुआती दौर में तेज़ी से सफलता

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Koo ने अपने शुरुआती दौर में तेज़ी से सफलता हासिल की थी। 2020-21 में भारतीय किसानों द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद सरकार ने ट्विटर से कुछ एकाउंट्स को ब्लॉक करने की माँग की जो अपने ट्वीट के ज़रिए ग़लत खबर फैला रहे थे मगर ट्विटर ने Freedom of speech का हवाला देते हुए इनकार कर दिया जिसके बाद काफ़ी कैबिनेट मिनिस्टर जैसे पीयूष गोयल और अन्य कू पर पहुँच गये। इस घटना ने कू के यूज़र्स की संख्या में भारी इज़ाफ़ा किया था। अप्रैल 2021 में रवि शंकर प्रसाद पहले मिनिस्टर बने थे जिनके कू पर 2.5 मिलियन फ़ॉलोवर्स थे।

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Koo को अंतरराष्ट्रीय स्तर पे भी सराहा गया

Koo को अंतरराष्ट्रीय स्तर पे भी सराहा गया। नाइजीरिया में नाइजीरियन प्रेसिडेंट के ट्विटर पर उनके कमेंट डिलीट होने के बाद नाइजीरिया ने हमेशा के लिए ट्विटर पर पाबंदी लगा दी थी और Koo पर आ गये थे। ब्राज़ील में भी क्राइसिस के बाद कू को काफ़ी प्यार मिला। 

मगर क्यों बंद हो रहा Koo?

Koo के को-संस्थापक Aprameya Radhakrishna और Mayank Bidawatka ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट के माध्यम से अपने यूज़र्स से इस खबर को साँझा किया। कारण बताते हुए कहा कि उन्होंने इस ऐप को चलाने के लिए पार्टनरशिप ढूँढी मगर कोई भी ऐसी साझेदारी नहीं बनी कि बात बन जाये और बताया कि वो ये ऐप कभी बंद नहीं करना चाहते थे लेकिन इस ऐप को चलाये रखने के लिए विशेष तकनीक की भी आवश्यकता होती है जिसमें खर्चा भी बहुत होता है। उन्होंने लिखा कि ये एक कठिन फ़ैसला था।

कंपनी का मुश्किलों से घिरा दौर सितंबर 2022 में शुरू हुआ था 

इस कंपनी का मुश्किलों से घिरा दौर सितंबर 2022 में शुरू हुआ था जब कंपनी ने अपने शुरुआती दौर के बाद पहली बार लगभग 40 कर्मचारिओं को बाहर निकाल दिया था। इस ऐप के लोगो में एक पीली चिड़िया थी। इस ऐप के लॉंच के बाद से इसे क़रीब 6 करोड़ बार डाउनलोड किया गया है।